उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने के लिए सोमवार को गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने राजधानी के नजदीक डोईवाला में राज्य आपदा प्रतिवाहन बल (एसडीआरएफ) और बीएसएफ के बटालिन मुख्यालय की नींव रखी।
इसका मकसद आपदा से निपटने में राज्य पुलिस सहित अन्य एजेंसियों को प्रशिक्षित करने के साथ साहसिक खेलों को बढ़ावा देना है। इसके लिए बीएसएफ का एडवेंचर एंड एडवांस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोला जाएगा।
आपदा के हालात से निपटने में सक्षम
डोईवाल में आयोजित समारोह में गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि राज्य में आई आपदा के बाद केंद्र ने भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि बीएसएफ का एडवांस ट्रेनिंग संस्थान इसी के तहत खोला जा रहा है जिससे राज्य के नौजवानों को भी आपदा के हालात से निपटने में सक्षम बनाया जाए।
भविष्य की जरुरतों को ध्यान में रखा गया
शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार बीएसएफ को प्रशिक्षण और अन्य जरूरतों के लिए 50 एकड़ भूमि इसके लिए और देगी। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने आपदा के बाद पैदा हुए हालात से निपटने में केंद्र की भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा कि सितारगंज और डोईवाला में अर्द्धसेना बल बीएसएफ के बटालियन मुख्यालय सहित प्रशिक्षण संस्थान और एसडीआरएफ का गठन भविष्य की जरुरतों को ध्यान में रख कर किया गया है।
राज्य से 6 हजार जवान बीएसएफ का हिस्सा
इसका फायदा क्षेत्र के लोगों को रोजगार के तौर पर भी होगा। बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल सुभाष जोशी ने कहा कि राज्य से 6 हजार जवान बीएसएफ का हिस्सा हैं। बीएसएफ न केवल राज्य में बटालियन मुख्यालय खोल रही है बल्कि यह एक ट्रेनिंग संस्थान भी होगा जिसमें राज्य पुलिस और एसडीआरएफ को प्रशिक्षित किया जाएगा।
डोईवाला में बीएसएफ के आवासीय भवन, केंद्रीय विद्यालय और कैंटीन भी खुलेगी। इस अवसर पर बीएसएफ ने आपदा के बाद राज्य में पुनर्वास और राहत कार्यों के तहत कालीमठ में किये निर्माण कार्यों की जानकारी भी दी। कालीमठ में उल्लेखनीय योगदान के लिए कमांडेंट एके नेगी को गृह मंत्री ने सम्मानित किया। समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, डीजीपी वीएस संधु, एनडीएमए सदस्य वीके दुग्गल मौजूद रहे।
हिमालय सुरक्षा बल हो गठित : निशंक
पूर्व मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि हिमालय क्षेत्र में जिस तरह से प्राकृतिक आपदा की घटनाएं बढ़ रही हैं उसे देखते हुए हिमालय सुरक्षा बल के नाम से विशेष दस्ते बनाए जाने होंगे। उन्होंने कि दक्षिण में जिस तरह से कोस्ट गार्ड है ठीक उसी तरह से हिमालय रक्षा बल गठित हो। उन्होंने गृह मंत्री से राज्य में जल्द डाप्लर रडार प्रणाली स्थापित करने की मांग रखी।
शहीदों के परिजन सम्मानित
बीएसएफ में सेवाएं देते हुए आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए राज्य के वीर सपूतों के परिजनों को सम्मानित किया गया। वर्ष 2002 में कीर्ति चक्र से सम्मानित विरेंद्र पुरोहित की पत्नी निर्मला पुरोहित, डिप्टी कमांडेंट एसएस रावती की पत्नी डा. मीना रावत, एस्सिटेंट कमांडेंट सुधीर कुमार बहेता की पत्नी अंजली बगेचा, मुरलीधर की पत्नी सीता देवी को सम्मानिक किया गया।