समुद्र सतह से 6191 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ऊं पर्वत पर भी इस बार मौसम का असर पड़ा है। इस बार कम हिमपात के कारण ऊं पर्वत भी संकट में है। यदि जल्द हिमपात नहीं हुआ तो कैलास मानसरोवर यात्री ऊं पर्वत के अद्भुत दृश्य को देखने से वंचित रह जाएंगे।
छोटा कैलास मार्ग पर स्थित ऊं पर्वत ज्योलिंगकांग के पास है। इसी के नजदीक पार्वती सरोवर भी है। अप्रैल 2004 से छोटा कैलास की यात्रा शुरू हुई। तभी से ऊं पर्वत का महत्व भी बढ़ गया।
ऊं पर्वत पर ऊं अक्षर प्राकृतिक रूप से उभरा है। ज्यादा हिमपात होने पर प्राकृतिक रूप से उभरा यह ऊं अक्षर चमकता हुआ स्पष्ट दिखाई देता है। इस बार फरवरी का पहला हफ्ता बीतने को है, लेकिन ऊंची चोटियों पर जमकर हिमपात नहीं हो पाया है।