शिक्षा विभाग खेल प्रतिभाएं कैसे गढ़ रहा है। इसका नमूना आप कई बार देख चुके हैं। प्रतिभाओं को आगे लाने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों को दी गई है उनकी संजीदगी आज फिर देखने को मिली है। हाकी की स्टेट चैंपियनशिप के लिए जिला स्तर से टीम भेजनी थी।
लेकिन अफसरों ने चयन प्रक्रिया अपनाए बिना ही चहेतों की टीम बनाकर भेज दी। अधिकारियों ने कमरे में बैठकर जिसके नाम लिख दिए, वही राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करने के काबिल बन गया।
गोपोश्वर में होगी प्रतियोगिता
गोपश्वर में आज (शनिवार) से राज्य स्तरीय हाकी प्रतियोगिता शुरू हो रही है। इसके लिए छह नवंबर को जिले की अंडर-18 टीम का चयन किया गया। टीम के लिए 14 खिलाड़ी चुने गए हैं। लेकिन, खास बात यह रही है कि टीम चुनने के लिए कोई मानक अथवा प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
नहीं दी सार्वजनिक सूचना
अंडर-18 खिलाड़ियों की टीम चयन के लिए जिला खेल विभाग की ओर से कोई सार्वजनिक सूचना तक जारी नहीं की गई। शुक्रवार को कई खिलाड़ी स्टेट चैंपियनशिप की जानकारी लेने जिला मुख्यालय पहुंचे तो उन्हें पता चला कि जिले की टीम बना ली है और गोपेश्वर के लिए रवाना भी कर दी है।
चेहतों को किया शामिल
यह सुनकर जानकारी लेने पहुंचे खिलाड़ियों को धक्का लगा। कई खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि जिला क्रीड़ाधिकारी और जिला खेल कार्यालय रोशनाबाद के कर्मचारियों ने चहेतों को शामिल कर गुपचुप तरीके से टीम तैयार की है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।