आज तक एक भी मेडिकल कॉलेज ने रिव्यू समिति के सामने शुल्क रिव्यू का आवेदन नहीं किया है। हाईकोर्ट में मामला लंबित है लेकिन अभी तक हाईकोर्ट का कोई आदेश नहीं आया है। इसी आधार पर फिलहाल हाईकोर्ट का आदेश आने तक पुराना शुल्क ही वसूला जाएगा।
जबकि स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. विजय धस्माना का कहना है कि 11 जनवरी को हाईकोर्ट ने जो आदेश दिया था, उसके तहत ही छात्रों से एसआरएचयू द्वारा निर्धारित शुल्क लिया जाएगा। उधर, एसजीआरआर यूनिवर्सिटी ने भी शुल्क के मामले को लेकर शुक्रवार को अहम बैठक बुलाई है।
इन सबके बीच एचएनबी मेडिकल विवि ने देर रात्रि पीजी की सीटें आवंटित कर दीं। आवंटित सीटों पर 12 अप्रैल तक दाखिला लेना होगा। इसके बाद दूसरे चरण की काउंसिलिंग शुरू होगी। आशंका जताई जा रही है कि जिन छात्रों को सीट आवंटित होगी, उनके लिए शुल्क मुसीबत बनने वाला है।