उत्तराखंड के छह हजार से ज्यादा एचआईवी मरीजों पर मुसीबत है। उनकी सीडी 4 जांच नहीं हो पा रही है। सीडी 4 किट की सप्लाई यूपी से होती है, लेकिन मार्च के अंतिम सप्ताह से सप्लाई बंद है।
एचआईवी पाजिटिव मरीजों का सीडी 4 काउंट 350 से कम निकलने पर उनको दवा लेनी होती है, जबकि इससे अधिक काउंट आने पर दवा बंद करनी होती है। यह काउंट न हो पाने से मरीजों को दवा के सेवन को लेकर परेशानी भुगतनी पड़ रही है।
राज्य में इस वक्त दो एंटी रेट्रो वायरल थिरेपी सेंटर हैं। एक दून में और दूसरा हल्द्वानी में। इन दोनों ही सेंटरों पर मरीज दिक्कत में हैं।
यहां कांट्रेक्ट रिन्यूअल न होने से परेशानी
पहाड़ के मरीजों के लिए लाइफ लाइन बने मोबाइल अस्पताल कांट्रेक्ट रिन्यूअल न होना परेशानी बन गया है। इसके अभाव में यह 10 दिन से नहीं चल रही है।
तकरीबन छह साल ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से तमाम सुविधाओं से लैस मोबाइल वाहनों का संचालन शुरू हुआ था लेकिन अब कांट्रैक्ट रिन्यूअल न होने से मरीजों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है। सूत्र बताते हैं कि आचार संहिता की वजह से यह मुश्किल खड़ी हुई है।