उत्तराखंड में एचआईवी-एड्स का 'प्रकोप' बढ़ रहा है। प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है।
नेशनल एड्स कंट्रोल सोसायटी और उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति (यूसैक्स) के सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है।
उत्तराखंड अब तक एचआईवी-एड्स संक्रमण के मामले में ‘डी’ श्रेणी में था।
देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में एचआईवी-एड्स संक्रमित लोगों की संख्या पिछले एक साल में बढ़ी है। एचआईवी-एड्स संक्रमण बढ़ने से उत्तराखंड अब ‘सी’ श्रेणी में आ गया है।
यूसैक्स की उपनिदेशक (मुख्यधारा) पदमिनी मल्होत्रा ने बताया कि रिपोर्ट में दून, नैनीताल, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में पलायन के अलावा पर्यटकों की संख्या ज्यादा होना भी एचआईवी-एड्स संक्रमण की वजह माना गया है। उन्होंने बताया कि यूसैक्स की ओर से लोगों को एचआईवी-एड्स संक्रमण से बचने के लिए विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जा रहा है।
19 अगस्त को होगी कार्यशाला
जागरूकता अभियान के तहत यूसैक्स की ओर से 19 अगस्त को सुभाष रोड स्थित होटल पैसिफिक में मीडियाकर्मियों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। यह जानकारी यूसैक्स की उपनिदेशक (मुख्यधारा) पदमिनी मल्होत्रा ने दी।