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इतिहासकार गुहा ने सोनिया और राहुल को बताया 'नकली गांधी', बापू की महत्ता के गिनाए ये 10 कारण...

Thu, 04 Jul 2019 10:23 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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इतिहासकार रामचंद्र गुहा - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड में छायाकार कमल जोशी की दूसरी पुण्यतिथि पर देहरादून पहुंचे इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की महत्ता के 10 कारण बताए। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के इतिहास और वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर भी प्रकाश डाला।

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उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी तो कांग्रेस के एक साल (1924 से 1925) अध्यक्ष रहे, लेकिन नकली गांधी (सोनिया गांधी) ताउम्र अध्यक्ष बनी रहीं। उन्होंने कहा कि वास्तव में आजादी के बाद कांग्रेस पर नकली गांधियों का ही कब्जा रहा है।
 
इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा के मार्ग पर चलकर सिर्फ देश को आजादी नहीं दिलाई बल्कि दुनिया के कई देशों के लोगों के लिए उनकी यह सोच जीने का मार्ग बन गई। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 90 देशों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया शुरू हुई।
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आजादी की लड़ाई का एक मंच था, लेकिनगांधी ने इस पर राज करने की नहीं सोची

इनमें से 75 देश गांधी की अहिंसावादी सोच को अपनाकर आगे बढ़े। महात्मा गांधी ने बिना हिंसा न्याय पाने का सत्याग्रह का जो रास्ता दुनिया को दिखाया वह हमेशा प्रासंगिक रहेगा। हिंसा से न्याय पाने में विश्वास उस वक्त भी बहुत लोग रखते थे और आज भी कई देश व संगठन ऐसे हैं जो अपने तौर तरीकों को कई नामों से बताते हैं। लेकिन, इन सब में केवल अहिंसा ही है जिससे उस वक्त भी देश दुनिया को लाभ हुआ और आज भी हो रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन उस वक्त आजादी की लड़ाई का एक मंच था, लेकिन कभी गांधी ने इस पर राज करने की नहीं सोची। नेहरू व अन्य नेताओं के कहने पर महात्मा गांधी 1924 में अध्यक्ष बने और एक साल में ही पद छोड़ दिया।

गुहा ने कहा कि एक वह वक्त था और एक आज का है। सोनिया गांधी जो कि नकली गांधी हैं ताउम्र कांग्रेस की कमान अपने और परिवार के हाथों में रखना चाहती हैं।राहुल गांधी का भी यही हाल है। यही हाल कमोबेश आजादी के बाद के सालों से चलता आ रहा है। 

गुहा की नजर में महात्मा गांधी की महत्ता के 10 कारण 

1.न्याय पाने का रास्ता बिना हिंसा के दिखाया जो आगे चलकर कई देशों के लिए भी बेहद कारगर साबित हुआ। 
2. गांधी देशभक्त थे, लेकिन अंधभक्त नहीं थे। उन्हें अपने देश की कमियां भी दिखाई दीं, जिन्हें सुधारने के लिए संघर्ष किया। 
3. देश और धर्म को अलग रखा। उन्हीं की सोच थी कि आज देश विभिन्न धर्मों के होते हुए अखंड है। लेकिन, जिन देशों ने धर्म को देश के साथ रखा (पाकिस्तान श्रीलंका आदि) उनका हाल सभी को पता है।   
4. गांधी सिर्फ एक भाषा विशेष को नहीं मानते थे। उन्होंने देश की तमाम भाषाओं में अपने लेख लिखे। वे गुजरात के टैगौर भी कहे जाते हैं। 
5. उन्होंने देश को अब से 100 साल पहले ही बता दिया था कि कुएं का मेंढक नहीं बनना है, बल्कि दुनिया के साथ मिलकर आगे बढ़ना है। 
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ये भी हैं कारण

6. गांधी हमेशा सीखते रहे। समय-समय पर उनकी सोच बदलती रही। इनके बारे में उन्होंने लिखा और दुनिया को दिखाया भी। यही कारण है कि जो लोग उन पर हमला बोलते हैं वो उनकी एकाध बात को लेकर ही कहते हैं। 
7. गांधी एक अच्छे पर्यावरणविद् थे। उन्होंने सिर्फ आजादी की लड़ाई ही नहीं लड़ी, बल्कि यह भी बताया कि देश को बेहतर कैसे बना सकते हैं। 
8. गांधी अपने साथ रह रहे लोगों की क्षमताओं को भलीभांति पहचानते थे। यही कारण था कि उनके पीछे चलने वाले लोग भी देश के बडे़ नेता बने। 
9. महात्मा गांधी अपने विपक्षियों की क्षमताओं से भी परिचित रहते थे। उनका किसी से व्यक्तिगत द्वेष नहीं रहा। 
10. गांधी ने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा पारदर्शिता रखी। उनके बारे में लोग जितना उस वक्त जानते थे अब उससे भी ज्यादा जानने लगे हैं। कारण है कि उनके बारे में उस वक्त भी लोगों ने खूब लिखा और खूब बोला।
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