कोटद्वार में तीन साल से सो रहा पौड़ी जिला और कोटद्वार तहसील प्रशासन मंगलवार की आपदा के बाद आखिरकार हरकत में आ गया है। आगे भी पनियाली गदेरा खतरे का सबब न बने, इसके लिए गदेरे से मलबा हटाने और चैनलाइजेशन का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। पनियाली के साथ ही कोटद्वार भाबर की अन्य नदियों में भी चैनलाइजेशन का कार्य शुरू किया गया है। जिसमें प्रशासन और नगर निगम की ओर से कई जेसीबी और पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं।
गत मंगलवार को केवल दो घंटे की बारिश में ही पनियाली गदेरा उफनाकर बहने लगा। शिवपुर से लेकर काशीरामपुर कौड़िया तक जमकर कहर बरपा, वहीं कौड़िया में आपदा ने तीन युवकों की जान ले ली। गनीमत यह रही कि सुबह दो घंटे की बारिश के बाद आसमान साफ हो गया और सरकारी मशीनरी को राहत और बचाव कार्य करने का समय मिल गया। आपदा प्रबंधन के लिए एडीएम डा. एसके बरनवाल ने पूरे इलाके का दौरा कर पनियाली समेत सभी नदियों में खतरे वाले स्थानों पर मलबा हटाने और चैनलाइजेशन के निर्देश दिए।
एसडीएम मनीष कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन ने पनियाली गदेरे पर पूर्व में चिह्नित अतिक्रमण की फाइल निकालकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया कि राजस्व क्षेत्र में तहसील प्रशासन, नगर निगम और सिंचाई विभाग को मलबा हटाने और चैनलाइजेशन के काम पर लगाया गया है।