राज्य सरकार की ओर से कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ और त्रिशूल की लंबाई तय करने संबंधी फरमान को लेकर हिंदूवादी संगठन भड़क गए हैं। प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में बजरंग दल पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और अपर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। बजरंग दल पदाधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद के महानगर अध्यक्ष दर्शन लाल, बजरंग दल संयोजक विकास वर्मा की अगुवाई में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद अपर जिलाधिकारी हरवीर सिंह को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कांवड़ हिंदुओं की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा है और यात्रियों पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध उनकी धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कांवड़ की ऊंचाई और लंबाई तय करना सरकार, प्रशासन का काम नहीं है। यह कांवड़िया तय करेगा कि वह कितनी भारी व बड़ी कांवड़ उठाकर यात्रा पूरी कर सकता है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कांवड़ यात्रा या फिर कांवड़ियों पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध लगाया गया तो पूरे राज्य में आंदोलन किया जाएगा।