गंगोत्री धाम स्थित तपोवनम् हिरण्यगर्भ कलादीर्घा आर्ट गैलरी में तस्वीरों के अलावा स्वामी सुंदरानंद व उनके गुरू स्वामी तपोवन महाराज की दुर्लभ वस्तुओं की भी प्रदर्शनी लगाई गई है। आर्ट गैलरी की तीसरी मंजिल में अगल-बगल बने कमरों में संजोकर रखी गई यह वस्तुएं गुरू व शिष्य के जीवन काल को दर्शाती हैं।
स्वामी सुंदरानंद के कक्ष में उनके ट्रैकिंग व फोटोग्राफी से जुड़े उपकरणों के साथ ही साधना के दौरान प्रयोग की गई मृगछाल व अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भेंट की गई माला भी रखी गई हैं।
जबकि स्वामी तपोवन महाराज के कक्ष में उनकी खड़ाऊ, पुस्तकें व कमंडल आदि सामान रखा गया है। दशकों पहले प्रयोग की गई यह वस्तुएं सभी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
सात दशकों तक हिमालय में साधना कर आर्ट गैलरी के रूप में एक सपने को साकार करने वाले 94 वर्षीय स्वामी सुंदरानंद उद्घाटन समारोह में सक्रिय सहभाग नहीं कर पाए। बीते कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे अपनी कुटिया के भीतर लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं।
सीएम एवं केंद्रीय मंत्री समेत अन्य अतिथियों ने कुटिया के भीतर ही उनसे मुलाकात की। स्वामी जी ने उन्हें भोजपत्र की माला भेंट की। कुटिया के भीतर से ही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी सुंदरानंद ने कहा कि यह आर्ट गैलरी सर्व धर्म सम्भाव का केंद्र है। उन्होंने कहा कि हिमालय, गंगा आदि प्रकृति ही ईश्वर का रूप है और इसका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है।