इस मौके पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष चिदानंद मुनि ने कहा कि फिलिपींस में स्नातक के विद्यार्थी 10 पौधे लगाते हैं तो उन्हें ग्रीन मार्क्स दिए जाते हैं। हमारे यहां भी ग्रेस मार्क्स की जगह ग्रीन मार्क्स दिए जाने चाहिए। यह ग्रीन मार्क्स प्लास्टिक को कम करने, पर्यावरण को बचाने आदि के होने चाहिए।
पाठ्यक्रम में हिमालय इंटेलीजेंस को शामिल किया जाना चाहिए। हेस्को के संस्थापक निदेशक डॉ.अनिल जोशी ने कहा कि हिमालय को पाठ्यक्रम से जोड़ा जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने इन दोनों प्रस्तावों पर सहमति जताई।
पौधरोपण दिवस मनाएंगे
समारोह की शुरुआत में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हरेला पर्व के दौरान पौधरोपण दिवस मनाया जाएगा और एक ही दिन एक करोड़ से अधिक पौधे रोपे जाएंगे। प्रदेश सरकार ने कोसी नदी के किनारे एक ही घंटे में 1.65 लाख पौधे लगवाए। देहरादून में रिस्पना को ऋषिपर्णा नदी बनाने के लिए ढाई लाख पौधे रोपे गए। समारोह में हिमालय एप जारी किया गया। इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष चिदानंद मुनि ने देहरादून में भेंटवार्ता की। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव, शिक्षा के साथ संस्कार, मूल्य आधारित शिक्षा, भारतीय संस्कृति आदि विषयों पर चर्चा हुई।
इस मौके चिदानंद मुनि ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों की रेटिंग परीक्षा के परिणाम के आधार पर होती है परंतु अब स्वच्छता, हरियाली, जल संरक्षण रेटिंग के आधार पर स्कूलों के मानक निर्धारित होने चाहिए। इसमें छात्रों और शिक्षकों को एक वर्ष में कम से कम 11 पौधे लगाने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही जितने बच्चे उतने पेड़ का ध्येय हर स्कूल को बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ पर्यावरण संरक्षण, चिंतन, वृक्षारोपण और विस्तृत अध्ययन प्रत्येक छात्र के लिए अनिवार्य हो, स्कूलों में पाठ्यक्रम की शुरूआत ही पर्यावरण शिक्षा से होनी चाहिए। स्कूलों का परिसर हराभरा हो, यह नियम लागू करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम सभी हिमालय के पुत्र हैं और पुत्र ही हिमालय के दर्द को समझ सकता है। मूल्य आधारित शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ दीक्षा, संस्कार और संस्कृति का भी समावेश होना चाहिए, तभी बच्चों का सर्वांगीण विकास किया जा सकता है।