शासन करा चुका सर्वे
शासन के निर्देश पर भूवैज्ञानिक और अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (यूसैक) के निदेशक एमपीएस बिष्ट और पेयजल निगम के मुख्य अभियंता एससी पंत के निर्देशन में एक टीम पिंडर नदी के उद्गम स्थल से लेकर बागेश्वर, अल्मोड़ा जिले की सूखती नदियों तक का सर्वे कर चुकी है। बीते दिनों केंद्रीय जल शक्ति सचिव विन्नी महाजन के सम्मुख भी इस योजना के प्रस्ताव पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस बैठक में नमामि गंगे, जल जीवन मिशन के अधिकारी भी मौजूद थे। सभी ने योजना को आगे बढ़ाने पर हामी भरी थी।
परियोजना में पिंडर नदी की प्रमुख सहायक नदियों को बागेश्वर जिले की बैजनाथ घाटी में गोमती नदी, कोसी, लोध और गागास नदियों के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र से जोड़ा जाएगा। जो अगले 50 साल तक पानी की जरूरतों को पूरा करेगी।
- एससी पंत, पेयजल निगम के मुख्य अभियंता
कुमाऊं क्षेत्र की तमाम नदियां धीरे-धीरे सूख रही हैं। हमारे पास 10-12 पंपिंग स्टेशन हैं, लेकिन जल स्तर कम होने से इन स्टेशनों पर खतरा मंडरा रहा है। गगास क्षेत्र में तो तेजी से पलायन हुआ है। यही हाल बैजनाथ, गरुड़ क्षेत्र का भी है। कोसी नदी भी खतरे में हैं। इसलिए यह परियोजना समय की मांग है।
- डॉ. एमपीएस बिष्ट, अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (यूसैक) के निदेशक