उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बीच बसों के संचालन के संबंध में सोमवार को करार हो गया। करार में दोनों प्रांतों में आने-जाने वाली बसों के फेरों की संख्या तय हो गई है। इसके साथ ही कितने किमी बसें जाएंगी, यह भी तय हो गया है। सचिव परिवहन सीएस नपल्च्याल ने बताया कि अभी तक बसें जितनी दूरी तय कर रही थीं, उसमें 25 फीसदी और इजाफा कर दिया गया है।
यूपी के करार पर चल रहा था काम
बता दें कि हरियाणा में प्रदेश की बसें रोके जाने के बाद अमर उजाला ने दूसरे प्रांतों के साथ करार किए जाने का मुद्दा उठाया था। पहली बार परिवहन विभाग ने नए सिरे से हिमाचल प्रदेश के साथ करार किया है।
अभी तक यूपी के करार के आधार पर दोनों प्रांतों के परिवहन अधिकारी एक-दूसरे से बात कर लिया करते थे। इसी चक्कर में बसें भी रोकी जाती थीं और ड्राइवरों के बीच झगड़े भी होते थे, लेकिन करार होने से रूट, समय आदि बिंदु तय हो गए हैं। इससे प्रदेश का राजस्व भी बढ़ेगा।
25 फीसदी बढ़ी फेरों की संख्या
सचिव परिवहन सीएस नपल्च्याल की अध्यक्षता में सचिवालय में हिमाचल और प्रदेश के परिवहन अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें तय हुआ कि हिमाचल की बसें प्रदेश में 100 फेरे लगाएंगी। ये प्रदेश के अंदर 8978 किमी यात्रा करेंगी। उत्तराखंड की बसें हिमाचल में 124 फेरे लगाएंगे। ये बसें 8822 किमी यात्रा करेंगी।
वर्ष 2011 में जो तय हुआ था उसकी तुलना में फेरों और किमी की संख्या 25 प्रतिशत अधिक है। सचिव नपल्च्याल ने बताया कि यूपी के साथ करार के संबंध में एमडी परिवहन निगम बृजेश संत बैठक कर रहे हैं। इसके अलावा जल्दी हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली के साथ करार किया जाएगा।