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Uttarakhand: बैंकों में जमा धन का उपयोग करने में भी पर्वतीय जिले पिछड़े, ऋण उठाने में ऊधमसिंह नगर सबसे आगे

Sat, 14 Jun 2025 11:33 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

पर्वतीय क्षेत्रों में ऋण जमा अनुपात बढ़ाने पर सरकार का जोर है। ऋण उठाने के मामले में ऊधमसिंह नगर जिला सबसे आगे है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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प्रदेश की करीब 625 बैंक शाखाओं में जमा धन का उपयोग करने के मामले में पर्वतीय जिले पिछड़ गए हैं। चंपावत व उत्तरकाशी को छोड़कर बाकी पर्वतीय जिलों के लोग जितनी धनराशि बैंकों में जमा कर रहे हैं, उसके बदले 50 फीसदी भी कर्ज नहीं उठा रहे हैं।

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सरकार की भरसक कोशिशों के बावजूद पर्वतीय जिलों का ऋण-जमा अनुपात चिंता की वजह है। वहीं, ऊधमसिंह नगर बैंकों में जमा धनराशि के सापेक्ष ऋण लेने के मामले में सबसे आगे है। राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की बैठकों में हर बार सरकार की ओर से बैंकों को निर्देश दिए जाते हैं कि वे ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं, लेकिन नतीजे उतने सुखद नहीं हैं।

आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य का कुल ऋण जमा अनुपात की दर 51.82 फीसदी है। यानी बैंकों में जितनी धनराशि जमा है, उसके सापेक्ष राज्य के लोगों ने बैंकों से 51.82 फीसदी धनराशि कर्ज के रूप में प्राप्त की।

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पांच पर्वतीय जिलों ने 33 फीसदी से भी कम लिया कर्ज
ऋण-जमा अनुपात की जनपदवार तस्वीर काफी विषम है। पर्वतीय जिले बागेश्वर का ऋण जमा अनुपात 24 फीसदी, अल्मोड़ा का 27 फीसदी ,पौड़ी का 27 फीसदी, रुद्रप्रयाग का 28.35 फीसदी, टिहरी गढ़वाल का 33 फीसदी है। यानी बैंकों से कर्ज लेने के मामले में इन जिलों के लोगों की अधिक दिलचस्पी नहीं है। कम दर यह संकेत भी दे रही है कि इन पर्वतीय जिलों में आजीविका आधारित काम धंधे उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहे, जितने राज्य के मैदानी जिलों में बढ़ रहे हैं।
 

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चंपावत, उत्तरकाशी और चमोली जिले में बेहतर स्थिति

ऋण लेने के मामले में चंपावत पर्वतीय जिलों में सबसे आगे हैं। यहां बैंकों में कुल जमा धनराशि के एवज में लोगों ने करीब 92 प्रतिशत कर्ज उठाया है। उत्तरकाशी जिले में यह दर 50.10 प्रतिशत है, जबकि चमोली में बैंकों से 44 फीसदी कर्ज लिया गया।

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ऊधमसिंह नगर ने बैंकों में जमा धन से ज्यादा उठाया कर्ज

दूसरी ओर मैदानी जिले ऊधमसिंह नगर के बैंकों में जितनी धनराशि जमा हुई, उससे अधिक यानी 109 फीसदी कर्ज के रूप में उठा ली गई। इसकी वजह जिले में दूसरे जिलों की तुलना में खेती, व्यवसाय और औद्योगिक गतिविधियां ज्यादा संचालित होना है। नैनीताल जिले में कुल जमा धनराशि के सापेक्ष 53.39 फीसदी कर्ज लिया गया। अलबत्ता देहरादून जिले में ऋण जमा अनुपात की दर दूसरे मैदानी जिलों की तुलना में 41.52 फीसदी है, जो कम है।

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