उत्तराखंड की ग्राम पंचायतों में जल्द ही हाई स्पीड इंटरनेट, ब्रॉडबैंड की सेवाएं मिलेगी। इसके लिए भारत नेट परियोजना के दूसरे चरण में प्रदेश की 5700 पंचायतों को नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (नोफन) से जोड़ा जाएगा। पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया को केबल डालने का काम दिया गया है।
केंद्र सरकार ने ग्राम पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भारत नेट परियोजना शुरू की है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत को नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (नोफन) से जोड़ा जा रहा है। पहले चरण में प्रदेश की 1800 से अधिक ग्राम पंचायतों तक केबल डालने का काम पूरा हो चुका है।
दूसरे चरण में प्रदेश के 65 विकासखंडों की 5700 ग्राम पंचायतों में केबल डालने का काम केंद्र ने पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया को दिया है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने केबल डालने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि पंचायत स्तर पर मनरेगा के साथ ही मृत्यु व जन्म प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया। लेकिन अधिकतर पंचायतों में नेटवर्क की समस्या रहती है। प्रदेश की सभी 670 न्याय पंचायतों तक 100 एमबीपीएस बैंडविथ कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य है। केबल पड़ने के बाद भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड द्वारा वाईफाई हॉट स्पॉट न्याय पंचायतों को उपलब्ध कराया जाएगा।
हरिद्वार जिले की 300 ग्राम पंचायतें नोफन से जुड़ी
परियोजना के पहले चरण में प्रदेश की 1800 से अधिक ग्राम पंचायतों में नोफन केबल पड़ चुकी है। जिसके तहत हरिद्वार जिले की 308 ग्राम पंचायतों में केबल डाली गई है। इसके साथ ही देहरादून, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल एवं ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी समेत अन्य जिलों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क केबल डालने का काम चल रहा है।
केंद्र सरकार की भारत नेट परियोजना के तहत प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। नोफन केबल से पंचायत स्तर पर इंटरनेट, ब्रॉडबैंड की हाई स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी। पंचायत स्तर पर ऑनलाइन कामकाज होने से लोगों को सुविधाएं मिलेगी। केबल डालने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
- आरके सुधांशु, सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी