थलीसैंण ब्लॉक के स्योली मल्ली गांव निवासी एक महिला ने अपने दो बच्चों के साथ पश्चिमी नयार नदी में छलांग लगा दी, जिससे तीनों की मौत हो गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जेआर जोशी के मुताबिक प्रथम दृष्टया घटना की वजह पारिवारिक कलह बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि महिला के परिजनों ने रविवार को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद ढूंढखोज पर मुन्नी देवी (28) व उसके दोनों बच्चों आठ वर्षीय आदित्य एवं चार वर्षीय अंशुल के शव नदी किनारे मिले हैं।
महिला के ससुर कुंदन सिंह के मुताबिक उनकी बहू मुन्नी देवी अपने दोनों छोटे बच्चों के साथ शुक्रवार 18 अगस्त को अपने मायके बचणस्यूं पाटा (रुद्रप्रयाग) जाने की बात कहकर घर से गई थी, लेकिन पता चला कि वह मायके नहीं पहुंची। रविवार को उसकी ढूंढखोज करने पर देर शाम सिलोगी पुल से दो सौ मीटर आगे नदी किनारे उसका बैग मिला। इससे उनका संदेह गहरा गया। लगभग पचास मीटर आगे चलने पर पोते आदित्य एवं कुछ आगे जितोली पुल के पास बहू मुन्नी देवी व छोटे पोते अंकुश का शव मिला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जेआर जोशी ने कहा कि पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शुरुआती जांच में घटना की वजह पारिवारिक कलह बताई जा रही है। पुलिस को इस मामले में अब तक किसी की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। वहीं मृतक के पिता रुद्रप्रयाग निवासी वीर सिंह का आरोप है कि ससुराल में उनकी बेटी के साथ सास व ससुर मारपीट करते थे। इससे तंग आकर वह दो बार मायके आ चुकी है। इस पर उन्होंने मुन्नी के पति को बताया था कि उसे उनकी लड़की की जरूरत नहीं है तो वह उसके बच्चों को पाल ले। अपनी लड़की को वे अपने साथ रख लेंगे।
पारिवारिक कलेश के साथ ही आर्थिक तंगी भी बताई जा रही वजह
पारिवारिक कलेश के साथ ही आर्थिक तंगी को भी घटना की वजह बताया जा रहा है। बताया गया है कि मुन्नी देवी के पति देवेंद्र सिंह यूसैक देहरादून में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत थे। उनको इसी वर्ष मई, जून में नौकरी से हटा दिया गया। देवेंद्र सिंह ने बताया कि आउटसोर्स एजेंसी बीएसएन सर्विस के माध्यम से वह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में पिछले दस साल से कार्यरत थे, लेकिन इस वर्ष छह से सात कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया। हालांकि उन्होंने आर्थिक तंगी की वजह से महिला के नदी में कूदने की बात से इनकार किया है। देवेंद्र सिंह ने कहा कि मुन्नी अक्सर आत्महत्या करने की बात करती थी।