इस मामले को एक जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सरकार को हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा लगाने के निर्देश दिए और कहा कि सरकार इन कर्मचारियों की मांगों पर भी विचार करे। कर्मचारी संगठनों की शिकायत है कि सरकार उनकी जायज मांगों पर समय से विचार नहीं करती और अंतिम विकल्प के रूप में उन्हें हड़ताल का सहारा लेना पड़ता है।
हाईकोर्ट ने पहले भी कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शिक्षकों की हड़ताल के समय भी हाईकोर्ट ने हड़तालियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का निर्देश दिए थे। उस समय कर्मचारियों ने कहा था कि वे हड़ताल पर नहीं हैं और कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारी भी हड़ताल शब्द की बजाय कार्य बहिष्कार करने की ही बात कर रहे हैं।