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नैनीताल के नयना देवी मंदिर में इस बार भी नहीं होगी पशुबलि

Wed, 07 Sep 2016 11:32 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नैनीताल
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नयना देवी मंदिर में इस समय नंदा उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। - फोटो : RiteshSagar/AmarUjala
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नंदाष्टमी से ठीक पहले हाईकोर्ट ने मंदिर परिसर में पशु बलि पर रोक को कायम रखा है। हालांकि ,इस बार नौ सितंबर को होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान के लिए हाईकोर्ट ने भक्तों को मंदिर में पूजा के लिए बकरा ले जाने की रियायत जरूर दी है। पिछले साल हाईकोर्ट ने पशु बलि के साथ ही भक्तों के मंदिर परिसर में बकरा ले जाने तक को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया था।
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नैनीताल इस समय नंदा उत्सव में डूबा हुआ है और नौ सितंबर को इसी के तहत नंदाष्टमी मनाई जाएगी। इससे ठीक पहले बुधवार को हाई कोर्ट ने नैनीताल के नयना देवी मंदिर में पशु बलि से संबंधित याचिका को निस्तारित किया।

हाईकोर्ट ने इस मामले में पूर्व में लगाई गई पशु बलि पर प्रतिबंध को पूरी तरह से कायम रखा है। हाईकोर्ट ने इतनी रियायत जरूर दी है कि भक्त इस बार मंदिर परिसर में बकरा लेकर आ सकते हैं।
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बकरे की पूजा कर ले जाना होगा वापस

नयना देवी मंदिर - फोटो : RiteshSagar/AmarUjala
यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि जिला प्रशासन किसी भी हालत में किसी भी व्यक्ति को मंदिर परिसर और मेला परिसर में बलि की अनुमति नहीं देगा। साथ ही कहा कि पूजा के बाद भक्त बकरे को अपने साथ वापस लेकर जाएगा।

नैनीताल निवासी जगदीश प्रसाद साह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि संविधान के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति अपने धर्म की मान्यताओं के अनुसार उपासना का अधिकार है। हमारी परंपरा में देवी की पूजा में बलि प्रथा चली आ रही है, इसलिए हमें अपनी परंपरा का अनुसरण करने दिया जाए।

पुलिस प्रशासन बकरा शहर से बाहर ही रोक देता है। जिस कारण वह अपनी परंपरा का निर्वाह नहीं कर पा रहे हैं। याचिकाकर्ता का कहना था कि वे सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों का पालन करने को तैयार है, जिसमें सार्वजनिक स्थान पर बलि पर रोक लगाकर स्लॉटर हाउस में बलि देने का उल्लेख है।
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बकरा ले जाने वाले भक्त को कराना होगा पंजीकरण

नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : PTI
डीएम दीपक रावत के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश का पूरा पालन किया जाएगा। बकरे के मालिक को अपनी फोटो व पहचान पत्र देना होगा और उसका पंजीकरण करना होगा। मंदिर में फोटोग्राफी कराई जाएगी।

राम सेवक सभा और अन्य सामाजिक संस्थाओं व जनप्रतिनिधियों की बैठक कर प्रक्रिया तय की जाएगी। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार मंदिर परिसर में बलि किसी हालत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शेष प्रक्रिया बैठक में तय की जाएगी।
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