फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: शिक्षकों को सीधे मत के अधिकार का मामला, हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब, प्रवक्ता ने दाखिल की याचिका

Sat, 14 Feb 2026 06:54 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

शिक्षकों को सीधे मत के अधिकार के मामले में हाईकोर्ट ने शासन से जवाब मांगा है। प्रकरण में प्रवक्ता डॉ अंकित जोशी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।

विज्ञापन
कोर्ट - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिक्षकों को सीधे मताधिकार के मामले में हाईकोर्ट ने सचिव शिक्षा और कार्मिक के साथ ही माध्यमिक शिक्षा निदेशक से जवाब मांगा है। उन्हें शपथ पत्र के साथ जवाब दाखिल करना होगा। प्रकरण में प्रवक्ता डॉ अंकित जोशी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी।

राजकीय शिक्षक संघ के राजकीय इंटर कॉलेज बुरांसखण्डा इकाई के सदस्य एवं प्रवक्ता डॉ अंकित जोशी ने याचिका में डेलीगेट व्यवस्था को लोकतांत्रिक सिद्धांतों के विपरीत बताया है। उन्होंने कहा, संघ का प्रत्येक सदस्य समान अधिकारों का अधिकारी है, इसलिए चुनाव प्रक्रिया में भी सभी को प्रत्यक्ष मतदान का अवसर मिलना चाहिए।

विज्ञापन


जोशी के मुताबिक उन्होंने प्रकरण में सचिव विद्यालयी शिक्षा, सचिव कार्मिक एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा को विधिवत प्रत्यावेदन प्रस्तुत कर इसके समाधान का अनुरोध किया था, लेकिन समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण न होने से न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक हो गया। प्रकरण की 13 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई में उच्च न्यायालय ने सचिव कार्मिक, सचिव विद्यालयी शिक्षा, निदेशक माध्यमिक शिक्षा एवं राजकीय शिक्षक संघ को प्रत्युत्तर शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।

ये भी पढ़ें... Dehradun: एसएससी एमटीएस परीक्षा में नकल कराने वाला गैंग पकड़ा, दो गिरफ्तार, पास कराने के लेते थे 10 लाख रुपये

संघ का प्रत्येक सदस्य समान है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्यक्ष मताधिकार उसकी मूल भावना है। किसी भी शिक्षक को मतदान से वंचित रखना समानता एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। संघ के संविधान में शीघ्र संशोधन कर हर सदस्य को मत का अधिकार मिलना चाहिए। - डॉ अंकित जोशी, याचिकाकर्ता

विज्ञापन
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें