हाईकोर्ट ने आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में करोड़ों के घोटाले मामले में निलंबित कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा की पत्नी श्वेता मिश्रा सहित तीन की ओर से दायर गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिका खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की। आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के कुलसचिव रहे मृत्युंजय मिश्रा की पत्नी श्वेता मिश्रा, एनजीओ संचालिका नूतन रावत और शिल्पा त्यागी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी।
पिछले वर्ष आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपये का घोटाला उजागर हुआ था। इस मामले में सतर्कता विभाग ने कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा के साथ ही उनकी पत्नी श्वेता मिश्रा, एनजीओ संचालिका नूतन रावत व शिल्पा त्यागी के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
मृत्युंजय मिश्रा पर आरोप था कि घोटाले में मिली रकम में से 20 लाख रुपये उन्होंने अपनी पत्नी के नाम के बैंक खाते में जमा किए थे। पीठ ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार करते हुए दायर याचिका को खारिज कर दिया। इस आदेश के बाद उनकी गिरफ्तारी होना तय है।