हाईकोर्ट ने देहरादून के बल्लूपुर और आईएसबीटी फ्लाई ओवर का निर्माण छह माह के भीतर करने और नेशनल हाइवे ट्रिब्यूनल में दो माह के भीतर पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है।
सोमवार को न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने देहरादून निवासी रविंद्र जुगरान की जनहित याचिका पर सुनवाई की। याची का कहना था कि देहरादून में बन रहे तीन फ्लाई ओवर आईएसबीटी, बल्लूपुर और बल्लीवाला के निर्माण में नेशनल हाइवे एक्ट के प्रावधानों की पालन नहीं किया गया तथा मनमाने तरीके से बल्लीवाला फ्लाई ओवर को चार लेन से घटाकर दो लेन का बनाया गया।
इसमें पैदल चलने वालों के लिए कोई फुटपाथ नहीं है और न ही फ्लाई ओवर पर बिजली और बरसाती पानी निकासी की कोई व्यवस्था है। शासन की ओर से बताया गया कि बल्लीवाला का कार्य पूरा हो चुका है व शेष दो फलाई ओवर को निर्माण बाकी है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने ईपीआईएल कंपनी और सचिव पीडब्ल्यूडी को फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य छह माह के अंदर पूरा कराने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने बल्लीवाला फ्लाई ओवर में बिजली, सर्विस रोड, पैदल फुटपाथ आदि जनहित सुविधाएं तीन माह के भीतर पूर्ण करने और कंट्रोल आफ ट्रैफिक नेशनल हाइवे एक्ट की धारा तीन के तहत राजमार्ग प्रशासक के रूप में अधिशासी अभियंता के स्थान पर मुख्य अभियंता को नियुक्त करने के निर्देश पीडब्ल्यूडी के सचिव को दिए।
साथ ही कोर्ट ने केंद्रीय सचिव सड़क व परिवहन को अधिनियम की धारा पांच के तहत दो माह के भीतर नेशनल हाइवे ट्रिब्यूनल में पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति करने के निर्देश दिए।