उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को धार्मिक एक्ट बनाने के लिए आदेश दिए हैं। जिससे विवाह के लिए धर्म परिवर्तन को रोका जा सके।
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से अपेक्षा की कि वह केवल विवाह के लिए धर्म परिवर्तन के दुरुपयोग की बढ़ती प्रवृत्ति को दृष्टिगत रखते हुए मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 1968 तथा हिमाचल प्रदेश के धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2006 की तर्ज पर धार्मिक अधिनियम बनाये।
न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की एकल पीठ ने सोमवार को रुद्रपुर के एक अंतर धार्मिक विवाह मामले में सुनवाई के बाद बदलते सामाजिक हालात और अंतर धार्मिक विवाह के लिए धर्म परिवर्तन के बढ़ते मामलों और इसके दुरुपयोग का हवाला देते हुए यह अपेक्षा जताई।
रुद्रपुर जिला ऊधमसिंह नगर निवासी गिरीश कुमार शर्मा ने उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर कहा था कि उसकी पुत्री को विपक्षी हुसैन अंसारी उर्फ अतुल शर्मा ने शादी के बहाने छिपा रखा है।