पीसीएस परीक्षा-2012 के चार सितंबर 2014 के नोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पब्लिक सर्विस कमीशन को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
नोटिफिकेशन में पीसीएस परीक्षा के लिए आवेदन नेट के जरिए करने की बात थी। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।
याचिका पर हुई सुनवाई
न्यायमूर्ति वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई। नैनीताल निवासी गौरव पवार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर पीसीएस की परीक्षा-2012 के 4 सितंबर 2014 के नोटिफिकेशन को चुनौती दी थी।
इसमें कहा गया था कि पीसीएस के लिए आवेदन पत्र इंटरनेट के माध्यम से भरे जाएंगे।
इंटरनेट से आवेदन का विरोध
याचिकाकर्ता का कहना था कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति ऐसी है जहां पर किसी समय नेटवर्क भी नहीं रहता है। ज्यादा संख्या में लोग गांव में रहते हैं जो कंप्यूटर चलाना भी पूरी तरह नहीं जानते हैं।
ऐसे में वे इंटरनेट के जरिए फार्म कैसे भर सकते हैं। इसलिए पूर्व की भांति डाक घर और बैंक के माध्यम से ही फार्म भरे जाने चाहिए।
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पब्लिक सर्विस कमीशन को मामले में चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।