फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने पूछा: उत्तराखंड में लीज नवीनीकरण के क्या नियम हैं? सरकार और वन विभाग 28 तक पेश करे रिपोर्ट

Sat, 10 Sep 2022 04:54 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल।

सार

खटीमा निवासी शुभम अग्रवाल की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा गया है कि बीते 30 वर्ष में खटीमा के आरक्षित वन क्षेत्र सालबोझी एक में 29 व दो में 11 लोगों ने अतिक्रमण किया है। लीज समाप्त होने के बाद भी वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हाईकोर्ट ने शुक्रवार को खटीमा के आरक्षित वन क्षेत्र सालबोझी एक व दो में वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य सरकार व वन विभाग से पूछा है कि उत्तराखंड में लीज नवीनीकरण के क्या नियम हैं। कोर्ट ने 28 सितंबर तक इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के लिए कहा है।

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष खटीमा निवासी शुभम अग्रवाल की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा गया है कि बीते 30 वर्ष में खटीमा के आरक्षित वन क्षेत्र सालबोझी एक में 29 व दो में 11 लोगों ने अतिक्रमण किया है। 1975-1978 में वन विभाग ने उन्हें एक-एक साल के लिए पट्टे लीज पर दिए थे। जिनकी लीज की अवधि समाप्त हो गई है। लीज समाप्त होने के बाद भी वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। 

ये भी पढ़ें...पंचायत चुनाव में बंट रही मौत: हरिद्वार में कच्ची शराब पीकर मरे सात लोग, परिजनों का दर्द बयां करतीं ये तस्वीरें
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका में कहा गया है कि 2015 में इन लोगों की ओर से लीज बढ़ाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसमें हाईकोर्ट ने वन विभाग को प्रत्यावेदन को निस्तारित करने के निर्देश दिए। वन विभाग ने इस पर न तो कोई कार्रवाई की और न ही अतिक्रमण हटाया है। याचिकाकर्ता का कहना था कि वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार और वन विभाग को यह बताने के लिए कहा है कि उत्तराखंड में लीज नवीनीकरण के क्या नियम हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें