हाईकोर्ट ने प्रदेश में निजी डॉक्टरों की चल रही हड़ताल के मामले में दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सख्त रूख अपनाया। दिन में दो बजे याचिका दाखिल हुई और कोर्ट ने सवा दो बजे सुनवाई करते हुए कहा कि डॉक्टर 20 मिनट के भीतर हड़ताल खत्म कर मरीजों का इलाज शुरू करें।
बता दें कि हल्द्वानी के सेंट्रल हॉस्पिटल में मारपीट के बाद निजी डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पांचवें दिन भी जारी थी, जिसके खिलाफ आवश्यकीय सेवा नियमावली अधिनियम के तहत हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। यूथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हल्द्वानी निवासी संप्रीत सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि डॉक्टरों की हड़ताल आवश्यकीय सेवा नियमावली अधिनियम के तहत तुरंत खत्म होनी चाहिए।
उन्होंने प्रदेश के डॉक्टरों को काम पर लौटने की मांग की थी। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि हड़ताल के चलते मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यूथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने सेंट्रल हॉस्पिटलों में मौतों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर जांच बैठाने की मांग की थी। इस पर उत्तराखंड मेडिकल एसोसिएशन के अधिवक्ता की ओर से अंडरटेकिंग देने और अन्य पक्षों की सुनवाई के बाद खंडपीठ ने तुरंत हड़ताल खत्म करने के निर्देश दिए।