अतिथि शिक्षकों के मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने यह भी कहा है कि सरकार पहले नियमानुसार काउंसलिंग में शामिल होने वाले सीधी भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे। प्रमुख सचिव शिक्षा को नियमित नियुक्ति के लिए की गई कार्यवाही का ब्योरा भी कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया गया है।
अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के संबंध में 29 अगस्त 2016 को जारी शासनादेश को पिथौरागढ़ निवासी धीरज खोलिया व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। इस याचिका में कहा गया था कि शासनादेश में पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को ही नियुक्ति देने का प्रावधान किया गया।
याचिका में कहा कि सभी योग्य अभ्यर्थियों को अतिथि शिक्षकों के रूप में प्रतिभाग करने का मौका दिया जाना चाहिए। शासन ने पूर्व में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता देने और ब्लाक स्तर पर चयनित अतिथि शिक्षकों को जिला, राज्य स्तर तक नियुक्ति का प्रावधान किया।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने सरकार से पहले नियमानुसार काउंसलिंग में शामिल होने वाले सीधी भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का निर्देश दिया। प्रमुख सचिव शिक्षा को नियमित नियुक्ति के लिए की गई कार्यवाही का ब्योरा भी कोर्ट में पेश करने को कहा गया। अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी।