प्रदेश में मानसून पहुंचने के बाद से मौसम विभाग लगातार भारी बारिश की चेतावनी जारी कर रहा है। इसको देखते हुए राज्य आपदा परिचालन केंद्र सभी जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश भी जारी कर चुका है। हालांकि राज्य में कुछेक स्थानों को छोड़कर बारिश काफी कम रही है।
मौसम केंद्र निदेशक के बिक्रम सिंह ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य के ज्यादातर इलाकों में पहुंच चुका है। सक्रिय मानसून के चलते अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार 12 जुलाई तक प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। उसके बाद मौसम में कुछ बदलाव आ सकता है।
बारिश के बाद चम्पावत जिले में NH 09 टिपिन टॉप पर बंद हो गया है। हाईवे पर लगातार पत्थर और मलवा आ रहा है। बारिश के कारण वहां और भी परेशानी हो रही है। साथ ही मलवा भी नहीं हटाया जा रहा है। पुलिस ने ट्रैफिक रूट भी डाइवर्ट कर दिया गया है।
वहीं, देर रात से हो रही बारिश के कारण देवाल-खाता मार्ग भी बंद हो गया है। यह रास्ता 15 से अधिक गांव को जोड़ता है। रास्ता बंद होने के कारण लोगों का संपर्क टूट गया है।
मसूरी में भूस्खलन, मकान पर गिरा मलबा
नगर में मंगलवार को हुई तेज बारिश से सुमित्रा भवन मैकेनिक पंप हाउस के पास भूस्खलन हो गया, जिसके मलबे से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें रह रहे एक परिवार के 12 सदस्यों ने बड़ी मुश्किलों से अपनी जान बचाई। वहीं पहाड़ी दरकने के कारण क्षतिग्रस्त घर के ऊपर बने मकान को भी खतरा उत्पन्न हो गया।
सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार पूरण तोमर की टीम लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दी जाएगी। बताया कि पहाड़ी टूटने से गिरे पत्थरों से घर क्षतिग्रस्त हो गया है। घर के अंदर रखा सामान भी टूट गया है।
वहीं पीड़ित श्याम पंवार ने बताया कि सुबह नाश्ता करते समय पहाड़ी टूटी और उनके घर पर आ गिरी। बड़ी मुश्किल से परिवार के सभी सदस्यों को घर से सुरक्षित निकाला गया। उनके घर के ऊपर एक दूसरा मकान है, जिसके गिरने का खतरा है। प्रशासन ने न उनकी कोई मदद की है और न ही उनको सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। गरीब होने के कारण उसके पास कुछ भी पूंजी नहीं बची है।
मलबा आने से जगह-जगह सड़कें घंटों बंद रहीं। कैलाश यात्रा मार्ग तीनतोला के पास मलबा आने से सुबह 11.30 बजे तक बंद रहा। कई जगहों पर नदियां उफान पर हैं।