देहरादून। राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सहस्रधारा और उसके आसपास के इलाकों में ऐसी विवादित जमीनों की भी रजिस्ट्री कर रहे हैं जिनकी एसआईटी जांच चल रही है। इनमें कई ऐसे भूमाफिया हैं जिन्होंने वन विभाग की जमीन तक की रजिस्ट्री करावा ली है। अब ऐसी विवादित जमीनों की रजिस्ट्री रोकने के लिए प्रभागीय वनाधिकारी मसूरी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।
बुधवार को प्रभागीय वनाधिकारी मसूरी कहकशां नसीम ने बताया कि पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से यह भी अनुरोध किया गया है कि वन क्षेत्र से सटी जमीनों का समतलीकरण करने की अनुमति देने से पहले विभागीय अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया जाना भी अनिवार्य किया जाए। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में कई ऐसी भूमि की लगातार रजिस्ट्रियां की जा रही है जिनकी एसआईटी जांच चल रही है। इतना ही नहीं जांच में यह बात भी सामने आई है कि कई माफिया सहस्त्रधारा और इसके आसपास के इलाकों में वन विभाग की जमीन को भी अपनी बताकर रजिस्ट्री करवा रहे हैं। इस प्रकरण में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। विभाग की ऐसी कितनी जमीन कब्जाई गई है इसकी नए सिरे से पैमाइश कराई जा रही है। फिलहाल विभाग की छह हेक्टेयर जमीन पर कब्जा होने की बात सामने आई है। इसमें रेंजर समेत सात विभागीय कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया है। अब जिन विवादित जमीनों की एसआईटी जांच चल रही है उनकी रजिस्ट्री न हो, इसके लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है।