कई देश कर रहे भांग की खेती और व्यापार
उत्तराखंड की जलवायु औद्योगिक भांग की खेती के अनुकूल है। लेकिन अभी हैंप को प्रदेश में व्यावसायिक रूप नहीं मिला है। विश्व के 40 देशों में हैंप की खेती की जा रही है। इसके रेशे और बीज का इस्तेमाल कई उत्पाद और मेडिकल में किया जा रहा है। इसमें प्रमुख देश अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, नीदरलैंड, डेनमार्क, चीन, थाईलैंड शामिल हैं।
इनमें होता है इस्तेमाल
हैंप के बीज का इस्तेमाल, स्नैक फूड, अनाज, सूप, चटनी, मसाला, बेकरी, पास्ता, चॉकलेट, पेय पदार्थ, एनर्जी ड्रिंक, जूस बनाने में किया जाता है। इसके अलावा कास्मेस्टिक उत्पाद, रेशे (फाइबर) का टेक्सटाइल, पेपर, ऑटोमोबाइल, फर्नीचर समेत अन्य कई तरह के उत्पाद बनाए जाते हैं।
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नीति का अंतिम प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। नीति को मंजूरी मिलने के बाद ही प्रदेश में व्यावसायिक रूप से इंडस्ट्रियल हैंप की खेती की जाएगी। इससे किसानों को आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा। -नृपेंद्र सिंह चौहान, निदेशक, सगंध पौध केंद्र सेलाकुई