पहाड़ की बेटी हेमलता काला ने क्रिकेट की दुनिया में सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ है। 10 साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर रहीं हेमलता काला बीसीसीआई की महिला टीम की चयनकर्ता चुनी गई हैं। वह सेंट्रल जोन का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनकी इस उपलब्धि से परिवार लोग और क्षेत्र के क्रिकेट प्रेमी गदगद हैं।
उत्तराखंड के कोटद्वार में शिवपुर निवासी स्व. मुसद्दीलाल काला और विंदेश्वरी देवी की होनहार बेटी हेमलता को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था। उनके बड़े भाई राकेश मोहन काला ने बताया कि हेमलता का 1988 में अंडर-19 की टीम में कानपुर जोन के लिए चयन हुआ। उन्होंने वर्ष 1999 में आयरलैंड दौरे से क्रिकेट कॅ रियर से की। वर्ष 2008 तक वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य रहीं।
उत्तराखंड की बेटियों को दिया संदेश
अमर उजाला से बातचीत में हेमलता काला ने बताया कि वह चाहती हैं कि उत्तराखंड की लड़कियां भी क्रिकेट में आगे आएं। राज्य की लड़कियों में भरपूर प्रतिभा है। प्रदेश का अपना क्रिकेट बोर्ड नहीं होने के कारण यहां की लड़कियों को अन्य प्रदेशों से खेलना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में उन्हें अगर मौका मिलेगा तो वह उत्तराखंड में महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड गठन का प्रयास करेंगी।
आगरा में पली बढ़ी हेमलता
हेमलता के पिता आगरा में उत्तरप्रदेश विद्युत विभाग में कार्यरत थे। हेमलता का जन्म आगरा में ही हुआ। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा इंदिरा मोंटेसरी स्कूल से इंटर की पढ़ाई जौहरी इंटर कालेज आगरा से की। आगरा विश्वविद्यालय से बीए किया। स्कूल के समय से ही खेलों के प्रति रुचि होने के कारण वह खेलों में अव्वल रहती थी।
हेमलता ने इंटर से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। आगरा विवि की क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया। कानपुर जोन में खेलने का अवसर मिला और फिर भारतीय महिला क्रिकेट टीम में स्थान पाया।