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आज खुले हेमकुंड साहिब के कपाट, पंच प्यारों की अगुवाई में पहुंचे आठ हजार श्रद्धालु

Sat, 01 Jun 2019 05:01 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ
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हेमकुंड साहिब के खुले कपाट - फोटो : ANI
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हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट आज सुबह नौ बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। नौ बजकर 15 मिनट पर गुरुग्रंथ साहिब को पंच प्यारे की अगुवाई में दरबार साहिब में लाया गया। इसके बाद 10 बजे  सुखमणी का पाठ किया गया।शुक्रवार को सुबह आठ बजे गोविंदघाट से पंच प्यारों की अगुवाई में रवाना हुआ तीर्थयात्रियों का जत्था देर शाम घांघरिया पहुंचा। पहले जत्थे में करीब आठ हजार तीर्थयात्री शामिल हैं। 

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शुक्रवार को गोविंदघाट में सुखमणी पाठ के बाद पंच प्यारों की अगुवाई में हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्टी जनक सिंह और गढ़वाल आयुक्त डा. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने जत्थे को घांघरिया के लिए रवाना किया। गोविंदघाट में तीर्थयात्रियों की दिनभर चहल-पहल बनी रही। यात्रा व्यवस्था की जानकारी लेने के लिए गढ़वाल आयुक्त डा. पुरुषोत्तम जिला प्रशासन की टीम के साथ हेमकुंड के लिए रवाना हुए हैं।

आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष हेमकुंड साहिब में बर्फबारी अधिक हुई है। सेना ने यात्रा मार्ग खोल दिया है, जो भी कमी होगी, उसे एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। हेमकुंड साहिब के प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि करीब तीन किमी के यात्रा मार्ग में अधिक बर्फ है। यहां बर्फ को काटकर रास्ता बनाया गया है। गुरुद्वारे की ओर से सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। 

सेना की बैंड धुन के साथ रवाना हुए श्रद्धालुओं के जत्थे 

सेना के जवानों की बैंड धुन से हेमकुंड साहिब यात्रा का श्रीगणेश हुआ। श्रद्धालुओं के जत्थे बैंड धुन के साथ घांघरिया के लिए रवाना हुए। गोविंदघाट से पुलना गांव तक चार किलोमीटर की दूरी वाहन से तय की जा सकती है, लेकिन अधिकांश उत्साही तीर्थयात्रियों ने शुरुआत से ही अपनी यात्रा पैदल ही शुरू की। यात्रा शुरू होने से गोविंदघाट में भी रौनक बढ़ गई है। सभी दुकानें सज गई हैं। 

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हेमकुंड में कब क्या-क्या होगा

समय अनुष्ठान
9.00 बजे हेमकुंड साहिब के कपाट खुले
9.15 बजे   गुरुग्रंथ साहिब को पंच प्यारे की अगुवाई में दरबार साहिब में लाया गया
10 बजे    सुखमणी का पाठ हुआ
11 बजे      शब्द कीर्तन किए गए
12.30 बजे  पहली अरदास हुई
12.45 बजे   हुक्मनामा का पाठ किया गया

विद्युत व्यवस्था नहीं हो पाई सुचारू

हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार को खुल गए, लेकिन अभी कुछ व्यवस्थाएं नहीं हो पाई हैं। हेमकुंड साहिब में अभी तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। साथ ही घोड़े, खच्चर, डंडी-कंडी की दरें भी चस्पा नहीं की गई है, जिससे यात्रियों को शुरुआती दौर में परेशानी झेलनी पड़ सकती है। 
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