बदरीनाथ धाम में हेलीकॉप्टर सेवा भी भगवान बदरीनाथ के भरोसे चल रही है। यहां हेलीपैड पर दिनभर कितने हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं, कितने तीर्थयात्री इनमें बैठकर आ रहे हैं। इसका कोई लेखा-जोखा प्रशासन के पास नहीं है। हेलीपैड पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। किसी वीआईपी के आगमन पर ही हेलीपैड पर सुरक्षा इंतजाम किए जाते हैं।
बता दें कि बदरीनाथ धाम में दो हेलीपैड हैं। बदरीनाथ मंदिर के समीप सेना का और राज्य सरकार का हेलीपैड बदरीनाथ से करीब डेढ़ किमी पहले स्थित है। हेलीपैड पर सुरक्षा के इंतजाम ना के बराबर हैं। शनिवार को जिस वक्त क्रिस्टल एविएशन का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, उस वक्त भी वहां न तो सुरक्षाकर्मी मौजूद थे और न ही प्रशासन का कोई अधिकारी। हालांकि, हादसे के तत्काल बाद पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई थी। मंदिर समिति और जिला प्रशासन के पास बदरीनाथ में दिनभर में उड़ान भर रहे हेलीकॉप्टर व इसमें सवार तीर्थयात्रियों का भी कोई डाटा उपलब्ध नहीं रहता है।
डीजीसीए के मानकों के अनुसार हेलीपैड पर मेडिकल, रेस्क्यू फोर्स और फायर फाइटिंग के इंतजाम होने चाहिए। हेलीपैड के इर्द-गिर्द तारबाड़ होनी चाहिए, जिससे असामाजिक तत्व और लावारिस पशु हेलीपैड तक न पहुंच सकें।
चमोली के जिलाधिकारी आशीष जोशी का कहना है कि बदरीनाथ में हेलीपैड पर सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं, उसे दिखवाया जाएगा। मैं स्वयं बदरीनाथ जा रहा हूं। फायर की व्यवस्था प्रत्येक हेलीपैड पर रहती है। बदरीनाथ धाम में भी यह व्यवस्था उपलब्ध होगी। धाम में हेलीपैड पर सुरक्षा इंतजामों में जो भी कमी होगी, उसे पूरा कर दिया जाएगा।