फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

EXCLUSIVE: तीर्थयात्रियों की जुबानी, चारधाम यात्रा की आड़ में लूट का धंधा

Sun, 21 May 2017 08:47 AM IST
बिनय बहुगुणा/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
विज्ञापन
विज्ञापन
केदारनाथ यात्रा के नाम पर संचालित हवाई सेवा में हेली कंपनियां एजेंटों की मदद से यात्रियों की जेब खाली करने में जुटी हैं। 6500 से 7000 रुपये के टिकट के साढ़े नौ हजार रुपये तक यात्रियों से वूसले जा रहे हैं। इसके बावजूद यात्री हेलीपैड पर दिनों से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन उन्हें हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। वहीं, प्रशासन कार्रवाई के बजाय मौन साधे तमाशा देख रहा है।
विज्ञापन


3 मई से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में इस बार डीजीसीएस द्वारा 11हेली कंपनियों को हेलीकॉप्टर सेवा की अनुमति दी गई है। बीते 9 मई से नारायणकोटी, मस्ता, मैखंडा, फाटा, चारधाम, शेरसी हेलीपैड से कंपनियों के हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं। लेकिन पहले दिन से ही इन कंपनियों की मनमानी बाबा केदार के दर्शनों को पहुंच रहे श्रद्धालुओं पर भारी पड़ रही है।

शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने इन हेलीपैड पर यात्रा का जायजा लिया, तो हेली कंपनियों की लापरवाही और यात्रियों की नाराजगी देखने को मिली। फाटा हेलीपैड पर अहमदाबाद से आए नारायण भाई का कहना है कि हेली कंपनियों द्वारा हेलीपैड पर बनाए गए बेटिंग रूम में भी इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे खासी दिक्कत हो रही है।
विज्ञापन

तीर्थयात्रियों की आपबीती

एटीएयर के हेलीपैड पर दिल्ली से आए प्रताप पारेख, आजिक्य कुमार, दीपेश राही ने बताया कि वे अप्रैल माह में एटीएर कंपनी से ऑन लाइन बुकिंग की गई थी। 12 मई को फोन कर पूछा तो कंपनी द्वारा 17 मई को आने की बात कही गई। लेकिन बीते दो दिन से इंतजार कर रहे हैं। कंपनी प्रबंधन से कई बार पूछने के बाद भी स्पष्ट जबाब नहीं मिल रहा है।

वहीं, गुजरात के नरेश भाई ने बताया कि हेली कंपनियां ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर अपने एजेंटों के सहारे यात्रियों से मोटी रकम वसूल रही हैं। यहीं नहीं, हेलीपैड पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे कभी भी कोई खतरा हो सकता है। फाटा, शेरसी व अन्य हेलीपैड पर भी यही स्थिति रही।

इधर, पवन हंस एविएशन के अनिल उप्रेती ने बताया कि किसी भी यात्री ने अधिक किराया नहीं वसूला जा रही है। वेटिंग इसलिए बढ़ रही है कि क्योंकि पिछले कुछ दिन से दोपहर बाद मौसम खराब हो रहा है, जिस कारण शट्ल प्रभावित हो रही हैं। इधर, ट्रांस भारत के रोहित ने स्वीकार किया कि एजेंट यात्रियों से मनमाना रुपया वसूल रहे हैं। लेकिन उनके पास ऐसी कोई शिकायत अभी तक नहीं आई है।

केस एक

राजस्थान के भीलवाड़ा के घनश्याम पूर्वाल 19 सदस्यीय दल के साथ दो दिन पूर्व गुप्तकाशी पहुंच चुके हैं। एटीएयर हेली कंपनी से केदारनाथ यात्रा के लिए दो माह पूर्व बुकिंग कराई थी। एजेंट ने प्रति टिकट साढ़े नौ हजार रुपये लिए हैं। यहां पहुंचर पता लगा कि टिकट सात हजार रुपये का है। शुक्रवार को प्रात: 6.30 बजे से हेलीपैड पर इंतजार कर रहे हैं। लेकिन कंपनी प्रबंधन अब-तब कहकर आश्वासन दे रहा है।

केस दो 

kedarnath

चंद्रिका खम्मार अहमदाबाद से पांच लोगों के साथ केदारनाथ यात्रा पर पहुंची हैं। इंडोकॉप्टर हेली कंपनी से दो माह पूर्व ऑनलाइन बुकिंग कराई थी, जिस पर उन्होंने 9 हजार रुपये देय किए। बीते बृहस्पतिवार को हेलीकॉप्टर केदारनाथ में खराब हुआ, जिस कारण उन्हें ट्रांसभारत के हेली से बमुश्किल से वापस आना पड़ा।

केस तीन

kedarnath

कौशल्या देवी अपने परिवार ने ऑनलाइन हेलीकॉप्टर की बुकिंग कराई थी। प्रति टिकट उनसे 8 हजार 5 सौ रुपये लिए गए। जबकि वास्तविक मूल्य 6500 रुपये है। शुक्रवार को महिला व उसके परिवार के सदस्य प्रात: 7 बजे से हेली कंपनी के कार्यालय में दिनभर इंतजार करते रहे। वेटिंग रूम के नाम पर ये लोग चटक धूप में बैठे रहे। हेलीपैड पर न तो बैठने की व्यवस्था और न पीने का पानी है।
विज्ञापन

ये कहते हैं अधिकारी

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मंगेश घिल्डियाल
केदारनाथ यात्रा में हवाई सेवा का संचालन कर रही सभी 11 कंपनियों द्वारा अपने हेलीपैड पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अग्निशमन के सिलेंडर के अलावा न तो यात्रियों के लिए पर्याप्त बेटिंग रूम है और न टायलेट व पीने के पानी की व्यवस्था। प्राथमिक उपचार की सुविधा न तो हेलीपैड पर है और न कार्यालय में।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि हेली कंपनियों की मनमानी को लेकर शिकायतें मिली हैं। इस संबंध में निगरानी टीम गठित की गई है, जिससे प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी जा रही है। केदारनाथ यात्रा के नाम पर यात्रियों से तय मूल्य से अधिक वसूलने या दुव्र्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें