कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पिछले चार दिन (18 फरवरी) से बंद है। सड़क बंद होने से व्यास वैली के सात माइग्रेशन गांवों और गर्बाधार, जिप्ती, गाला, सिर्खा, तांकुल और रुंग के लोगों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। सड़क बंद होने से 15 से अधिक टैक्सियां मार्ग में फंसी हुईं हैं। टैक्सी यूनियन ने शीघ्र सड़क को नहीं खोलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
इधर, टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग पर स्वांला के पास मलबे के साथ बड़े पत्थरों के गिरने से करीब साढ़े तीन घंटे तक वाहनों का संचालन बंद रहा। वहीं शुक्रवार को हुई भारी बारिश से लधिया नदी का जल स्तर बढ़ने से बेलखेत में डायवर्जन वाला हिस्सा टूट गया। चंपावत में शुक्रवार रात जबर्दस्त ओलावृष्टि हुई।
अल्मोड़ा में बृहस्पतिवार रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश शनिवार सुबह चार बजे थमी। यहां पिछले 24 घंटे में 30 एमएम बारिश हो चुकी है। शनिवार को अल्मोड़ा का न्यूनतम तापमान छह और अधिकतम 16 डिग्री रिकार्ड किया गया। बागेश्वर और आसपास के इलाकों में शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे तक बारिश होती रही। पिछले 24 घंटों के दौरान कपकोट में 30 मिमी, गरुड़ में 25 मिमी, बागेश्वर में 22.50 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। शनिवार को मौसम खुलने से लोगों को राहत मिली है।