बसंतीपुर गांव में भंडारे के प्रसाद में पनीर की सब्जी, मूंग की दाल और बंदगोभी की सब्जी बनी थी। करीब साढ़े चार सौ लोगों ने भंडारे का प्रसाद खाया था। लोगों का कहना है कि यदि खाना खराब होता तो सभी को फूड प्वॉइजनिंग की शिकायत होती।
अस्पताल में आए थे 103 मरीज
फार्मासिस्ट मनोहर लाल गंगवार ने बताया कि अस्पताल में कुल 103 मरीज आए थे। इनमें 45 लोगों में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण पाए गए। फूड प्वॉइजनिंग से पीड़ित ग्रामीणों में राखी ढाली, परेश ढाली, प्रिया, जगदीश ढाली, सुरेश ढाली, माया ढाली, ममता, कालीपद, दीपा मंडल, बिट्टू, शंकरी, नीलू मंडल, विशाल मंडल, बिशुकेन, सुष्मिता, शांति मंडल, ममता मंडल, आयुश मंडल, जय विश्वास, प्रियंका, तुलसी, पूर्णिमा, सीता ढाली, अर्चना, मंजू, गीता, अंजली, सुशीला, पारो, पवित्र, प्राणजल मंडल, मनीषा, खुशी, आकाश सरकार, उषा ढाली, सावित्री विश्वास, देवव्रत साना, काजल ढाली, दीपा मंडल, अंकुश ढाली, रोहित, पुष्पा, अंजली, दीपा और सुष्मिता शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को बारिश में भीगने और अत्यधिक ठंड लगने के कारण भी यह शिकायत हो सकती है। सभी ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है।
डॉक्टर और मरीज के बयान दर्ज किए
फूड प्वॉइजनिंग की घटना की सूचना से प्रशासन में भी खलबली मच गई। दोपहर तीन बजे तहसीलदार भुवन चंद और थानाध्यक्ष दिनेश फर्त्याल टीम के साथ गांव पहुंचे। तहसीलदार ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से जानकारी ली और वहां मौजूद एक मरीज के बयान दर्ज किए। इसके बाद वह हरिपद के घर पहुंचे और घटना की जानकारी लेने के बाद उसके कलमबंद बयान दर्ज किए।
बसंतीपुर में फूड प्वॉइजनिंग की शिकार दो युवतियों को शनिवार को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी में इलाज करने के बाद जब डॉक्टर ने दोनों को भर्ती करने की बात कही तो परिजनों ने भर्ती कराने से इनकार कर दिया। डॉक्टर ने रजिस्टर पर परिजनों से युवतियों को ले जाने का लिखित बयान लेकर उन्हें जाने दिया।
मैं विभागीय टीम के साथ बसंतीपुर गया था लेकिन मामला गंभीर नहीं था। साधारण मरीज भी दहशत में आकर डॉक्टरों के पास इलाज के लिए आ रहे थे। 450 लोगों ने खाना खाया था लेकिन 45 लोगों में ही फूड प्वॉइजनिंग के मामूली लक्षण मिले थे। हो सकता है कि पनीर या अन्य सब्जी का कोई अंश हो, जो खराब हो। फिलहाल सभी की हालात सामान्य हैं।
- संजीव सरना, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गदरपुर।