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उत्तराखंड: भंडारे का प्रसाद खाकर 103 लोग हुए बीमार, 45 में फूड प्वॉइजनिंग के लक्षण

Sat, 22 Feb 2020 08:41 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिनेशपुर(रुद्रपुर)

सार

  • डॉक्टरों के साथ ही प्रशासन की टीम भी पहुंची गांव, इलाज कर जानकारी जुटाई 
  • इलाज के बाद सभी की हालत में हो रहा सुधार, दो युवतियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया 
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड के रुद्रपुर में बसंतीपुर गांव में एक ग्रामीण के घर पूजा के बाद हुए भंडारे में प्रसाद खाने के बाद सौ से अधिक ग्रामीणों की तबीयत खराब हो गई। इनमें से 45 ग्रामीणों में फूड प्वॉइजनिंग के लक्षण मिले हैं। गदरपुर और दिनेशपुर से डॉक्टरों की टीम ने गांव पहुंचकर बीमार लोगों का इलाज किया। शरीर में पानी की कमी के चलते दो युवतियों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है जबकि अन्य को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया। 

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बुधवार को बसंतीपुर गांव में हरिपद मंडल के घर में स्थित हरि मंदिर में वार्षिक पूजा हुई थी। बृहस्पतिवार की रात भंडारे का आयोजन किया गया था। इसमें गांव के करीब साढ़े चार सौ लोगों ने भोजन किया था। शुक्रवार दोपहर कुछ ग्रामीणों को पेट दर्द, उल्टी, दस्त और तेज बुखार शिकायत होनी शुरू हो गई। इसके बाद बीमार लोग गांव में स्थित राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय में पहुंचे। अस्पताल के फार्मासिस्ट मनोहर लाल गंगवार ने अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों का इलाज किया। 

शनिवार सुबह अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से गांव में दहशत फै ल गई। फार्मासिस्ट ने तत्काल विभागीय अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। इस पर गदरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी संजीव सरना, चिकित्सक विकास सचान, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिनेशपुर के प्रभारी प्रदीप पांडेय टीम के साथ गांव पहुंचे। ग्राम प्रधान संजीत विश्वास ने मंदिर के लाउडस्पीकर से गांव में किसी को फूड प्वाइजनिंग की शिकायत होने पर अस्पताल पहुंचकर इलाज कराने की मुनादी करा दी। इसके बाद सामान्य मरीज भी अस्पताल पहुंचने लगे। 
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डॉक्टरों की टीम ने सभी को दवाएं दीं। इसी बीच, दीपा मंडल (20) पुत्री अमर और सुष्मिता मंडल (20) पुत्री विनय को शरीर में पानी की अधिक कमी के कारण रुद्रपुर रेफर कर दिया गया। उनकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है। दोपहर बाद मरीजों की हालत सामान्य होने पर डॉक्टरों की टीम गांव से लौट आई। 

भोज में गोभी की सब्जी और पनीर बना था 

बसंतीपुर गांव में भंडारे के प्रसाद में पनीर की सब्जी, मूंग की दाल और बंदगोभी की सब्जी बनी थी। करीब साढ़े चार सौ लोगों ने भंडारे का प्रसाद खाया था। लोगों का कहना है कि यदि खाना खराब होता तो सभी को फूड प्वॉइजनिंग की शिकायत होती। 

अस्पताल में आए थे 103 मरीज 
फार्मासिस्ट मनोहर लाल गंगवार ने बताया कि अस्पताल में कुल 103 मरीज आए थे। इनमें 45 लोगों में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण पाए गए। फूड प्वॉइजनिंग से पीड़ित ग्रामीणों में राखी ढाली, परेश ढाली, प्रिया, जगदीश ढाली, सुरेश ढाली, माया ढाली, ममता, कालीपद, दीपा मंडल, बिट्टू, शंकरी, नीलू मंडल, विशाल मंडल, बिशुकेन, सुष्मिता, शांति मंडल, ममता मंडल, आयुश मंडल, जय विश्वास, प्रियंका, तुलसी, पूर्णिमा, सीता ढाली, अर्चना, मंजू, गीता, अंजली, सुशीला, पारो, पवित्र, प्राणजल मंडल, मनीषा, खुशी, आकाश सरकार, उषा ढाली, सावित्री विश्वास, देवव्रत साना, काजल ढाली, दीपा मंडल, अंकुश ढाली, रोहित, पुष्पा, अंजली, दीपा और सुष्मिता शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को बारिश में भीगने और अत्यधिक ठंड लगने के कारण भी यह शिकायत हो सकती है। सभी ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है। 

डॉक्टर और मरीज के बयान दर्ज किए 
फूड प्वॉइजनिंग की घटना की सूचना से प्रशासन में भी खलबली मच गई। दोपहर तीन बजे तहसीलदार भुवन चंद और थानाध्यक्ष दिनेश फर्त्याल टीम के साथ गांव पहुंचे। तहसीलदार ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से जानकारी ली और वहां मौजूद एक मरीज के बयान दर्ज किए। इसके बाद वह हरिपद के घर पहुंचे और घटना की जानकारी लेने के बाद उसके कलमबंद बयान दर्ज किए।
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परिजनों ने मरीजों को भर्ती कराने से किया इनकार 

बसंतीपुर में फूड प्वॉइजनिंग की शिकार दो युवतियों को शनिवार को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी में इलाज करने के बाद जब डॉक्टर ने दोनों को भर्ती करने की बात कही तो परिजनों ने भर्ती कराने से इनकार कर दिया। डॉक्टर ने रजिस्टर पर परिजनों से युवतियों को ले जाने का लिखित बयान लेकर उन्हें जाने दिया। 

मैं विभागीय टीम के साथ बसंतीपुर गया था लेकिन मामला गंभीर नहीं था। साधारण मरीज भी दहशत में आकर डॉक्टरों के पास इलाज के लिए आ रहे थे। 450 लोगों ने खाना खाया था लेकिन 45 लोगों में ही फूड प्वॉइजनिंग के मामूली लक्षण मिले थे। हो सकता है कि पनीर या अन्य सब्जी का कोई अंश हो, जो खराब हो। फिलहाल सभी की हालात सामान्य हैं।
- संजीव सरना, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गदरपुर। 
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