मंगलवार को मसूरी और चकराता में बर्फबारी होने के बाद बुधवार को दोपहर बाद बद्रीनाथ, हेमकुंड सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हुई।
बर्फबारी के बाद से समूचा चमोली जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में है। जिले के पोखरी ब्लॉक के मोहनखाल, नेल, नोली, कलसिर, डाडा गांव में भी बर्फबारी होने की खबर है। तापमान के गिरावट आने से लोग घरों में दुबके हुए हैं।
वहीं पहाड़ों की रानी मसूरी और चकराता में मंगलवार को मौसम का दूसरा हिमपात हुआ। मसूरी में इस बार निचले इलाके में भी अच्छी बर्फबारी हुई। माल रोड सहित कुलड़ी बाजार और लाइब्रेरी चौक पर बर्फ जम गई। शाम को करीब आधे घंटे तक हुई बर्फबारी का पर्यटकों ने जमकर लुत्फ उठाया।
पारा शून्य से नीचे पहुंचने से कड़ाके की ठंड
Auli snowfall
- फोटो : AmarUjala
वहीं, मंगलवार को बर्फबारी के बाद मसूरी का पारा शून्य से नीचे पहुंचने से कड़ाके की ठंड पड़ी। मंगलवार को चकराता और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली और शाम ढलते ही इलाके में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। हिमपात के कारण ठंड में इजाफा हो गया है।
शाम करीब 4:45 बजे शुरू हुआ बर्फबारी का दौर देर शाम तक जारी रहा। मंगलवार को चकराता का न्यूनतम पारा -05 डिग्री रहा। जबकि, अधिकतम तापमान 02 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
औली में इन दिनों पर्यटकों का हुजूम उमड़ रहा है। मंगलवार को भी औली स्नो प्वाइंट से लेकर दस नंबर टावर (रोपवे) तक पर्यटकों की चहल-पहल बनी रही। सैलानी बर्फ में चलकर ही गौरसौं तक पहुंच रहे हैं। मंगलवार को अपराह्न दो बजे के बाद सर्द हवाएं चल रही हैं। निचले क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ने लगा है। दिल्ली के पर्यटक समीर सिंह, विमल बिजल्वाण, अमित शर्मा और सीमा बिजल्वाण का कहना है कि औली में बर्फबारी की सूचना मिली तो सपरिवार पहुंचे। यहां आकर बहुत अच्छा लगा। औली-जोशीमठ मार्ग पर बर्फ जमीं होने से थोड़ी दिक्कतें हुईं। पंजाब के सुखविंदर सिंह का कहना है कि बर्फ से ढका औली बहुत खूबसूरत नजर आ रहा है। वहीं, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े संजय कुंवर का कहना है कि इस वर्ष काफी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं।