बीआरओ ने इन्हें काटकर हाईवे बहाल कर दिया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 के बाद इस बार इतनी भीषण बर्फबारी हुई है। गंगोत्री धाम क्षेत्र में चार से पांच फीट बर्फ जमी है। दिसंबर से ही धाम में विद्युत आपूर्ति एवं संचार सेवाएं ठप हैं।
कनखू बैरियर पर वन विभाग के विजेंद्र, दीपेंद्र, संपूर्णानंद भट्ट और केदार आर्य ड्यूूटी पर डटे हैं। कनखू में गजेंद्र दास महाराज, गंगोत्री धाम में स्वामी रामेश्वरानंद, स्वामी वेदांतानंद आदि करीब बीस साधु साधनारत हैं।
वन कर्मी राजवीर ने बताया कि भोजन की तलाश में भरल, मृगों के झुंड गंगोत्री धाम के नीचे तक विचरण कर रहे हैं। कनखू बैरियर के पास काला भालू भी देखा गया, जबकि स्नो लैपर्ड के पैरों के निशान भी दिखाई दिए हैं।