रक्षाबंधन यानी भाई-बहन के अटूट प्यार का पर्व, शनिवार मनाया जा रहा है। भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकलीं। बस स्टेशनों और बसों में खूब भीड़ है। वैसे भी परिवहन निगम ने रक्षाबंधन पर बहनों को मुफ्त में यात्रा की सौगात दी है।
परिवहन निगम की परीक्षा
रक्षाबंधन पर्व पर परिवहन निगम ने वैसे तो पुख्ता इंतजाम किए हैं। सभी डिपों पर अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं। कर्मियों की छुट्टियां भी रद्द की गई हैं। देखने वाली बात होगी कि निगम के ये इंतजाम बहनों को कितना सुकून दे पाते हैं।
रोडवेज से जाएं, मुफ्त यात्रा का लाभ पाएं
रक्षाबंधन पर हर वर्ष की भांति इस बार भी परिवहन निगम ने रोडवेज की बसों में बहनों के लिए मुफ्त यात्रा का ऐलान किया है। प्रदेश भर में बहनों से टिकट नहीं लिया जाएगा। प्रदेश की सीमा से बाहर जाने पर ही किराया पड़ेगा। इसके अतिरिक्त यह सुविधा केवल साधारण बसों में ही मिलेगी।
दोपहर 1:50 के बाद हुआ रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त
भद्रा की वजह से इस बार रक्षाबंधन का पर्व दोपहर 1 बजकर 50 मिनट के बाद ही मनाना शुभ माना जा रहा है। श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को भाई-बहन का यह त्योहार मनाया जाता है। रक्षाबंधन भद्रा रहित अपराह्नकाल व्यापिनी पूर्णिमा में मनाने का विधान है।
भविष्यपुराण के अनुसार अति आवश्यक परिस्थितियों में भद्रा के मुख काल को छोड़कर पुच्छकाल में बंधन आदि शुभ कार्य किए जा सकते हैं। 29 अगस्त को सुबह 10.05 से पूर्वाह्न 11.05 बजे तक भद्रा का पुच्छकाल होना बताया गया था। कहा गया था कि यदि बेहद आवश्यक है तो इस समय रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकता है।
मिलती है सुख-समृद्धि
रक्षाबंधन के दिन वस्त्र में केशर, सरसों, चंदन, चावल, दुर्वा रखकर रंगीन सूत की डोरी से बांधकर उसका पूजन करने के पश्चात दाहिने हाथ में बांधने से वर्षभर सुख-समृद्धि रहती है।
रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर बसों में जबरदस्त भीड़
रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर बहने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए घरों से निकलीं। बस स्टेशनों पर उनकी दुश्वारियां तब बढ़ गईं, जब उनको टिकट लेने के लिए घंटों काउंटर पर खडे़ रहना पड़ा। इसके बाद बस में सीट न मिलने पर वो हलाकान नजर आईं। बहनों को खड़े होकर भी सफर करते देखा गया।
शनिवार को देशभर में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाना है। भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनों ने शुक्रवार से ही घरों से निकलना शुरू कर दिया। यहां आईएसबीटी पर दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिल डिपो पर कुमाऊं की ओर जाने वाली लंबी दूरी की बसों में खासी भीड़ देखी गई।
बहनों का कहना था कि उनको लगभग 500 किलोमीटर का सफर तय करना है और वापस भी आना है, तो उन्हाेंने एक दिन पहले ही घर से निकलना उचित समझा।