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उत्तराखंड: बारिश और ओलावृष्टि ने फिर बरपाया कहर, खेत-खलियान और दो घर तबाह

Tue, 30 May 2017 01:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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रवांई घाटी में हुई बरसात और ओलावृष्टि ने जमकर कहर बरपाया है। जरड़ा गांव के समीप जेला खड्ड में अचानक आये नाले ने रवाड़ा नामक तोक में एक आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। साथ ही अभी तीन मकान खतरे की जद में हैं। जबकि कलोगी गांव में भी एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। 
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रविवार देर शाम रवांई घाटी में जरड़ा गांव के रवाड़ा नामक तोक में अचानक तेज बरासत से नाला आ गया जिससे पिठानिया सिंह का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। इससे मकान के अंदर रखा खाद्यान, कपड़े तथा बर्तन भी मिटटी में दफन हो गये। जबकि इसी तोक में अभी भूरा सिंह, सोबन सिंह तथा महिपाल सिंह के तीन आवासीय भवन खतरे की जद मे हैं।

वहीं कलोगी गांव के कमला तथा बर्फिया लाल का आवासीय मकान भी तेज बारिश तथा आंधी से क्षतिग्रस्त हो गए। जरड़ा गांव में आंगन का पुस्ता धंसने से सब्बल सिह तथा अब्बल सिंह के मकान मे दरार पड़ गई हैं।
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जबकि रवाड़ा तोक में जरड़ा तथा मंजियाली के लोगों की खेती है यहां पर उमेद सिंह, अरविन्द सिंह, जयवीर सिंह, भजन सिंह, विपिन सिंह की टमाटर, फ्रेचबीन, आलू तथा प्याज की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों मे पड़े ओलों से खड़ी फसल मिटटी मे दब गई है।
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अभी भी खतरे की जद में कईं मकान

ओलावृष्टि ने स्योरी फल पटटी सहित धारी, कफनौल, तीयां, बजलाड़ी, छमरोटा, विनगदेरा, सुनाराछानी तथा न्याय पंचायत गढ, न्याय पंचायत गातू तथा गोडर पटटी में भारी नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से सेब, नाशपाती, आडू, खुमानी आदि फल बर्बाद हो गए हैं।  

राजस्व उपनिरीक्षक हृदय लाल ने बताया कि जरड़ा गांव के रवाड़ा तोक मे एक मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है। प्रभावित व्यक्ति को 3800 की तत्काल सहायत दी जायेगी। आगे की कार्रवाई के लिए तहसील प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जायेगी। ग्राम प्रधान प्रमिला, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य बलबीर सिंह, प्रताप सिंह ने प्रभावित काश्तकारों को भी मुआवजा देने की मांग की है। 

पुरोला में बागवानी क्षेत्र धड़ोली, शिकारू में भी सेब की फसल को भारी क्षति पहुंची है। काश्तकारों का कहना है कि इतने बड़े ओले पहले कभी नही देखे। हैं। करड़ा, ढकाड़ा, मैराणा, खलाड़ी आदि गांव में काश्तकारों के सामने आजीविका संकट पैदा हो गया है। उत्तराखंड आंदोलनकारी मनमोहन सिंह चौहान ने काश्तकारों को मुआवजा देने की मांग की है ।

वहीं जिलामुख्यालय से लगे भटवाड़ी ब्लॉक के अंतर्गत मानपुर गांव के क्षेत्र पंचायत सदस्य वीना नौटियाल ने बताया कि क्षेत्र के किशनुपर, मानपुर, अलेथ, धनपुर आदि गांवों में रोजना शाम को बारिश व ओलावृष्टि से आलू, लहसून, धनियां, प्याज आदि की फसल चौपट हो गई। उन्होंने गंगोत्री विधायक गोपाल सिंह रावत को ज्ञापन भेजकर ओलावृष्टि से हुई क्षति का आंकलन कराकर किसानों की क्षतिपूर्ति की मांग की है।
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