उत्तराखंड में कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में मंगलवार रात्रि हुई भारी बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
जगह-जगह मलबा आने से कई मुख्य सड़कें बंद हो गई हैं। नाचनी के होकरा होकरा के जंगल में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आकर ग्रामीण बाला सिंह की मौत हो गई। वह बुधवार को जंगल में मवेशी चराने गया था।
स्याल्दे ब्लाक के दूरस्थ गांव से जंगल गई दो महिलाएं गधेरे में बह गई जिन्हें कुछ युवकों ने बचा लिया। भारी बारिश से अलग-अलग जगहों पर कई मकान जमींदोज हो गए जबकि शारदा नदी खतरे के निशान को पार गई है।
बागेश्वर जिले में आरे गांव के समीप काभड़भ्योल पहाड़ी दरकने से पिंडारी सड़क का आधा हिस्सा 20 मीटर लंबाई तक कट गया। भारी मात्रा में मलबा आने के कारण सड़क पर 14 घंटे तक यातायात ठप रहा। जिससे यात्रियों को घिरौली गांव से पैदल सफर तय करना पड़ा। जिले की 19 सड़कों में यातायात बुधवार दिन भर ठप रहा।
अल्मोड़ा-बेरीनाग मोटर मार्ग धौलछीना से कुछ दूर कालीगाड़ गधेरे में पहाड़ी से आए मलबे के कारण करीब चार घंटे बंद रहा। बारिश से गरुड़ में दो मकान ध्वस्त हो गए।