दोपहर में गर्मी और उमस से लोग तप रहे थे। शाम को हुई मूसलाधार बारिश ने राहत तो पहुंचाई मगर यह अपने साथ आफत भी लेकर आई। शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। अजबपुर माता मंदिर रोड में स्थित एक कालोनी में घरों में पानी बह गया तो वहीं बिंदाल व रिस्पना नदी में पानी बढ़ने के कारण नदी किनारे बसे लोगों को अपने मकान छोड़ने पड़े।
नालियां चोक होने से गांधी रोड, दर्शनलाल चौक, राजपुर रोड, बहल चौक और सर्वे चौक सहित अन्य मुख्य मार्गों पर घुटनों तक पानी भर गया। सर्वे चौक, विकास भवन के आगे ठेली लगाकर फल बेच रहे फल विक्रेताओं के फल बह गए। जबकि विकास भवन के बेसमेंट में भी पानी घुस गया।
मंदिर पानी में डूब गया
अजबपुर माता मंदिर रोड से लगी लेन नंबर-2 में कई घरों में पानी भरने से लोगों का सामान खराब हो गया। हरिद्वार रोड स्थित सारथी विहार में भी एक मंदिर पानी में डूब गया। स्थानीय निवासी चंदन पंत ने बताया कि कालोनी में दो फीट तक पानी भरने से लोगों का चलना मुश्किल हो गया है।
वहीं नेहरू कालोनी के डी ब्लॉक में पानी भर गया। यहां के रमेश शर्मा ने बताया कि जलभराव से पानी घरों में घुस गया है। प्रिंस चौक, परेड ग्राउंड से बुद्धा चौक, बांबे बाग में पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। वाणी विहार, कारगी, बंजारावाला, राजेश रावत कालोनी, चंदर रोड, डीएल रोड, नई बस्ती नीमी रोड, महात्मा गांधी बस्ती, संजय कालोनी, वाल्मीकि बस्ती, इंदिरा कालोनी आदि कालोनियों में जलभराव से लोग परेशानी रहे।
नदी का बहाव मोड़ने के निर्देश
रिस्पना में पानी बढ़ने पर ऋषि कालोनी में की ओर नदी का बहाव होने पर जिलाधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम ने जेसीबी से खुदाई करके नदी का बहाव मोड़ने के निर्देश दिए जिससे घरों को नुकसान न पहुंचे।
जिलाधिकारी ने शहर को पांच सेक्टरों में बांट कर हर सेक्टर में अलग अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई थी। मसूरी विधायक गणेश जोशी ने अधिकारियों के साथ काड़बंगला, विजय कालोनी, तल्ला-नागल, आर्यनगर, बारीघाट, बार्डीगाड़, गब्बार सिंह कालोनी आदि क्षेत्रों का दौरा किया। विधायक ने जिलाधिकारी से कहा कि तल्ला-नागड़ के लोगों को कहीं और बसाया जाए।