पहाड़ में शुक्रवार को हुई भारी बारिश से सभी नदी-नाले उफान पर हैं। तेज बहाव और भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे सहित गढ़वाल में सौ से अधिक सड़कें बंद हो गईं। वहीं, कुमाऊं में कैलास मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग पर मालपा और बूंदी के बीच कई स्थानों पर पैदल रास्ता बह गया। जबकि एक मजदूर की नदी में बहने से मौत हो गई।
नई टिहरी के जाखणीधार ब्लॉक में गेंवली पाव के चकरखेत में बादल फटने से गदेरा उफान पर आ गया, जिससे कई नहरें और दर्जनों नाली खेत बह गईं। तेज बहाव में गडोलिया शिव मंदिर का गेट और पैदल पुल की दीवार भी ढह गई।
खटीमा के दोगाड़ी गोठ निवासी शंकर राम मझोला गांव से घर का सामान लेकर लौट रहा था। नानक सागर डैम में गिरने वाली सेनापानी नदी को पार करते समय वह नदी में बह गया। उसका शव बरामद कर लिया गया है।
तेज बारिश से बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ और बैनाकुली में अवरुद्ध हो गया। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से 908 तीर्थयात्रियों व 19 वाहनों को बदरीनाथ तथा 180 तीर्थयात्री व 36 वाहनों को गोविंदघाट में रोक लिया है। जबकि बदरीनाथ की ओर जा रहे तीर्थयात्रियों को जोशीमठ में रोका गया है।
बारिश से 101 सड़कें प्रभावित
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- फोटो : अमरउजाला
चमोली में 34, पौड़ी में 20, टिहरी में 29 और उत्तरकाशी में छह सड़कें बंद हैं। रुद्रप्रयाग में गौरीकुंड व ऊखीमठ-मंडल-गोपेश्वर राजमार्ग सहित 17 मार्ग ठप हो गए हैं। वहीं, दारमा घाटी में नौ पैदल पुलों के बहने की सूचना है।
बारिश के कारण प्रदेश में 101 सड़कें प्रभावित हुई हैं। इनमें 68 सड़कें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की हैं। इनमें टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, चमोली, बागेश्वर की छह बड़ी सड़कें हैं, बाकी छोटी सड़कें और संपर्क मार्ग हैं। इसके अलावा मसूरी, धनौल्टी हाईवे प्रभावित है। हाईवे 80 मीटर बह गया है। लोक निर्माण विभागाध्यक्ष प्रमुख अभियंता एचके उप्रेती ने बताया कि सड़कों को दुरुस्त किया जा रहा है। टीमें मौके पर हैं।