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मलबे में दबे मकान से महिला का शव मिला

Sun, 22 Jun 2014 10:50 AM IST
अमर उजाला, गोपेश्वर
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उत्तराखंड में चमोली जिले के घाट ब्लॉक के सेमा गांव में शुक्रवार रात को हुई मूसलाधार बारिश के चलते जमींदोज हुए मकान से संयुक्त खोजी दल ने शनिवार शाम छह बजे मलबे से एक महिला का शव निकाल लिया है जबकि दो बच्चों के शव अभी तक नहीं मिल पाए हैं।
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सुबह 11 बजे मौके पर पहुंची आईटीबीपी और एसडीआरएफ की खोजी टीमों ने मातबर सिंह के मकान के लेंटर को तोड़कर शवों को ढूंढने का कार्य शुरू किया।

हादसे की सूचना मिलने के बाद शनिवार को चमोली एसडीएम अवधेश कुमार सिंह आईटीबीपी के जवान और एसडीआरएफ के खोजी दल के साथ मौके पर पहुंचे।

बच्चों का सुराग नहीं मिला

दिनभर की कड़ी मशक्कत के बाद शाम छह बजे कमला देवी (37 वर्ष) पत्नी मातबर सिंह का शव मलबे से निकाल लिया गया जबकि दोनों बच्चों हरेंद्र (10) और अभिषेक (6) का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

ग्रामीण सत्य प्रकाश नौटियाल और सुरेंद्र लाल का कहना है कि गांव के ऊपर मोलागाड-मटई मोटर मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा था।

भारी बारिश के चलते सड़क कटिंग का मलबा और बोल्डर बारिश के पानी के रेले के साथ मातबर सिंह के मकान की ओर आया और उसे जमींदोज करता हुआ आगे बड़ गया। यहीं पर एक अन्य मकान के पीछे की दीवार भी मलबा और बोल्डर आने से क्षतिग्रस्त हो गई।

रातभर अफरातफरी का माहौल

हादसे का दुखद पहलू यह है कि पड़ोस के पठाली(स्लेट) की छत वाले मकानों में रह रहे लोग जहां मूसलाधार  बारिश को देखते हुए पहले ही सुरक्षित स्थान पर चले गए थे, वहीं मातबर सिंह का परिवार अपने लेंटर वाले पक्के घर में ही निश्चिंत सो रहा था।

सड़क का मलबा सेमा गांव के गणेशपुर तोक के खेतों को भी तहस-नहस कर ग्रामीण सत्य प्रकाश नौटियाल, शांति प्रसाद नौटियाल, दिनेश प्रसाद, खिलपति नौटियाल, कमल सिंह और नंदन सिंह के मकानों में भी घुस गया जिससे रातभर गांव में अफरातफरी का माहौल रहा।
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भारी बारिश से जिले की कई सड़कें अवरुद्ध

शुक्रवार रात को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई भारी बारिश से गोपेश्वर-पोखरी, कांडई-बैरासकुंड और चमोली-लासी-सरतोली मोटर मार्ग भूस्खलन के चलते कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है।

ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेमा गांव में जमींदोज हुए मकान से शवों को निकालने के लिए मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम को भी करीब 10 किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ी।

चमोली-गोपेश्वर मोटर मार्ग पर भी पोखरी बैंड के पास पपड़ियाणा गदेरे से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया जिससे यहां भी करीब दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही।
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