उत्तराखंड में आफत की बारिश लगातार जारी है। मौसम विभाग ने शनिवार को उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी व पौड़ी जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
उधर, उत्तराखंड कुमाऊं मंडल में पूर्णागिरि मार्ग पर स्थित किरोड़ा नाले में बृहस्पतिवार रात दंपति और उनके दो बच्चों समेत पांच लोग बह गए। दंपति तो बच गए, लेकिन उनके दोनों बच्चे और बाइक सवार एक रिश्तेदार का कहीं पता नहीं चला। पुलिस और प्रशासन की टीम रातभर तीनों की तलाश करती रही।
धरोरा नवाबगंज (बरेली) निवासी विजय पाल (40) अपनी पुत्री प्रियंका (9) और पुत्र अमित (6) को गैंड़ाखाली गांव में मायके में रह रही पत्नी सपना (30) के पास छोड़ने के लिए रात करीब 11 बजे रोडवेज बस से टनकपुर पहुंचा।
रात अधिक होने और भारी बारिश के कारण विजय पाल की पत्नी सपना ग्राम दोहरा थाना बारादरी जिला बरेली निवासी अपने जीजा धर्मवीर (32) के साथ बाइक से उन्हें लेने टनकपुर पहुंची। कोई वाहन नहीं मिलने पर पांचों बारिश में भीगते हुए एक ही बाइक में सवार होकर गैंड़ाखाली के लिए रवाना हुए।
उनके रोखड़ में पहुंचने से पहले ही किरोड़ा नाला उफान पर आ गया। बावजूद इसके उन्होंने नाले को पार करने की कोशिश की और सभी इसके तेज प्रवाह में बह गए। विजयपाल और उसकी पत्नी सपना किसी तरह किनारे लगकर बच गए, लेकिन उनके दोनों बच्चे प्रियंका, अमित और रिश्तेदार धर्मवीर पुत्र बादाम सिंह का कहीं पता नहीं चला। बेसुध हाल में थ्वालखेड़ा के प्रधान सतीश पांडेय के घर पहुंची सपना ने उन्हें हादसे की जानकारी दी।
सूचना पर एसडीएम नरेश दुर्गापाल, सीओ राजन सिंह रौतेला और कोतवाल कमल राम आर्य रेस्क्यू टीम के साथ फौरन मौके पर पहुंचे। सुबह करीब चार बजे तक ऑपरेशन सर्च चला। पुलिस एवं पीएसी के तैराकों के साथ ही हाई एडवेंचर इन माउंटेन संस्था के कार्यकर्ता शुक्रवार को पूरे दिन उनकी खोज में लगे रहे, लेकिन देर शाम तक उन्हें खोजा नहीं जा सका था।
क्षेत्रीय विधायक हेमेश खर्कवाल ने जिला प्रशासन को पीड़ित परिवार को आपदा मद से तत्काल आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। देहरादून से फोन पर हुई वार्ता में विधायक ने बताया कि डीएम और एसपी को डूबे लोगों को खोजने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।