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चमोली और पिथौरागढ़ में बादल फटने से 11 की मौत, कई लोग लापता

Sun, 03 Jul 2016 01:33 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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heavy rain, alert, eighth district, uttarakhand news - फोटो : amar ujala
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शुक्रवार की सुबह उत्तराखंड के कई जिलों में तेज बारिश से जन जीवन प्रभावित हो गया है। बारिश ने गढ़वाल और कुमाऊं के पहाड़ी इलाकों में तबाही मचा दी है।
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उत्तराखंड में 72 घंटे में भारी बारिश के अलर्ट के बाद चमोली और पिथौरागढ़ जिले में बादलों ने तबाही मचा दी है। पिथौरागढ़ के ‌बस्तड़ी और नौलेरा गांव में बादल फटने की घटना में 13 जान जाने और 25 लोगों की लापता होने की संभावना जताई जा रही है। जिले में आठ घरों के तबाह होने की भी सूचना है। राहत बचाव कार्य के लिए सेना को बुलाया गया है।

पिथौरागढ़ और चमोली में मची तबाही को लेकर देहरादून में पुलिस और एनडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की टीम भेजी गई है। प्रशासन ने अभी तक मिले आंकड़े के मुताबिक दोनों जिलों में 11 लोगों के मरने की पुष्ट‌ि की है।
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एसओ अस्कोट के नेत्रत्व राजस्व और पुलिस टीम और धारचूला से सेना के जवान बचाव कार्य में लगे हैं। दोपहर दो बजे तक यहां मलबे से तीन शव मलबे से निकाले गए। मरने वालों के नाम गिरीश चंद्र भट्ट, माधवानंद, रेवाधर शामिल हैं।

मलबे से दो घायलों को निकाला गया, जिनकी गंभीर हालत को देखते हुए उपचार के लिए देहरादून ले जाने को हेलीकॉप्टर मंगाया गया। अभी भी मलबे में 20-25 लोगों के दबे होने की संभवना है। जिले और आपदा क्षेत्र की संचार सेवा ठप गई है। ओगला-सिंगाली-भागिचौरा मार्ग दो स्थानों पर 30-40 मीटर बह चुका है और पथरकोट गाँव भी एक मकान ढहने की सूचना है।

मरने वालों को दो-दो लाख का मुआवजा

हरीश रावत - फोटो : अमरउजाला
पहाड़ी इलाकों में बारिश होने के चलते अलकनंदा, मंदाकिनी, गंगा, सरयू और गोमती समेत करीब एक दर्जन नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ समेत कई हाईवे बंद हो गए हैं। मसूरी से थाल जाने वाले रास्ते पर भी सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। केदारनाथ और यमुनोत्री हाईवे पर भी हजारों लोग फंसे हैं।

गुरुवार देर रात से राजधानी देहरादून में भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है। जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। राज्य के हल्‍द्वानी, काशीपुर, अल्मोड़ा, ऋषिकेश और कोटद्वार में गुरुवार रात से रुक-रुक बारिश का दौर जारी है। अल्मोड़ा में शुक्रवार सुबह से लगातार बारिश जारी है। जिससे जन जीवन प्रभावित हो रहा है।

​​वहीं गुरुवार की सुबह करीब पांच बजे चमोली में घाट ब्लॉक के जाखड़ी गांव में बादल फटने से चीख पुकार मच गई। बादल फटने की घटना के बाद गांव के चार लोग के लापता हो गए। दसोली ब्लॉक के ‌‌सिरों गांव के बीच से बहने वाले गदेरे में ऊफान आने से दो लोग बह गए। इनके शव बरामद किए जा चुके हैं।

भारी बारिश के कारण ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग पर तोता घाटी के पास नेशनल हाईवे पर चट्टान आ गिरी, जिससे हाईवे बंद हो गया है। बागेश्वर में सरयू और गोमती का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नैनीताल में रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मलबा आने से कई जगहों पर बदरीनाथ हाईवे बंद पड़ा है।

चमोली और पिथौरागढ़ में बादल फटने की घटना बेहद दुखद हादसा है। प्रभावित जगहों पर आपदा प्रबंधन टीम को भेजा जा चुका है। मैं और मुख्य ‌सचिव खुद घटना को मॉनिटर कर रहे हैं। मरने वालों को सरकार की ओर से दो-दो लाख का मुआवजा दिया जाएगा।
- हरीश रावत, मुख्यमंत्री उत्तराखंड
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चारधाम यात्रा मार्गों पर अलर्ट

danger zone, badrinath highway, chardham yatra - फोटो : amar ujala
मौसम विभाग ने देहरादून सहित आठ जिलों शुक्रवार से आगामी 72 घंटे भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बाकी जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत, अल्मोड़ा, पौड़ी, हरिद्वार, देहरादून और टिहरी जिले में भारी से भी भारी बारिश हो सकती है। एक जुलाई से अगले 72 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की गई है। 

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चंपावत में आगामी 24 घंटे भारी बारिश और इसके बाद भारी से भी भारी बारिश हो सकती है। राजधानी में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे।

कई जगहों पर भारी बारिश होने से तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की गिरावट आ सकती है।​ चारधाम यात्रा मार्गों पर भी यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

Published BY : Nirmala Suyal
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