अटूट बंधन
वह उनके परिवार का इकलौता सदस्य भी है। उनकी कहानी और अटूट बंधन बेहद अनोखा और खूबसूरत है। अपने और कुंगजी के रिश्ते के बारे में बताते समय चिले के चेहरे पर एक बेहद खूबसूरत मुस्कान मौजूद थी। उन्होंने बताया कि तिब्बती भाषा में कुंगजी का अर्थ प्यारा होता है।
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सात साल की उम्र में तिब्बत छोड़कर भारत आए थे चिले
चिले की अपनी जीवन कहानी भी काफी दिलचस्प है। वह मात्र सात साल की उम्र में तिब्बत छोड़कर भारत आए थे। यहां उन्होंने 10वीं तक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने भारतीय सेना में भी काम किया। उनके परिवार में कोई और नहीं है, सिवाय उनके प्यारे कुत्ते के। नौकरी छोड़ने के बाद से वह स्कूल में गार्ड के रूप में काम कर रहे हैं।