राज्य सरकार एडवेंचर टूरिज्म के तहत राफ्टिंग को बढ़ावा देने को बेशक लंबी चौड़ी योजनाएं बना रही हो, लेकिन इन योजनाओं को धरातल पर उतारना आसान नही है। कारण यह कि राफ्टिंग को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सुनवाई चल रही है।
एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने व देश-विदेश के पर्यटकों को साहसिक खेलों के प्रति आकर्षित करने के लिए तमाम योजनाएं बना रही है।
पर्यटन विभाग ऋषिकेश में कौड़ियाला से इतर सूबे के अन्य स्थानों पर राफ्टिंग की संभावनाएं तलाश रहा है, इस बाबत सर्वे भी जारी है।
फैसले का इंतजार कर रहे अफसर
हाल ही में टिहरी झील में एडवेंचर टूरिज्म फेस्टिवल का भी आयोजन किया गया था, जिसमें साहसिक खेलों के शौकीनों के अलावा निजी निवेशकों ने भी शिरकत की थी। लेकिन दिक्कत यह है कि एनजीटी के फैसले के बाद ही राफ्टिंग से संबंधित योजनाएं धरातल पर उतर सकती हैं।
यही वजह है कि राफ्टिंग के लिए निजी कंपनियां भी आगे नहीं आ रही हैं। पर्यटन सचिव शैलेश बगौली का कहना है कि राफ्टिंग को लेकर एनजीटी में सुनवाई पूरी होने व फैसला आने के बाद ही इस दिशा में कुछ खास किया जा सकता है।