टलती आ रही मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) बिना तैयारी ही लांच कर दी गई। हकीकत यह है कि स्वास्थ्य विभाग योजना को लांच करने के लिए ढांचा तक तैयार नहीं कर पाया है, जबकि इस पर अमल इसी साल पहली अप्रैल से होना है।
गणतंत्र दिवस पर सीएम हरीश रावत ने औपचारिक तौर पर तो प्रदेश व्यापी एमएसबीवाई को लांच किया। यह केंद्र की राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की तर्ज पर ही है। इसके तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में नहीं आने वाले सभी नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाने की बात कही गई है।
इसकी घोषणा रावत ने लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद की थी। सात माह में तीन बार योजना की लांचिंग टली, लेकिन इस बीच कई प्राथमिकताएं भी बदलीं।