उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपलों के 700 से अधिक रिक्त पदों पर प्रधानाध्यापकों को पांच साल की अनिवार्य सेवा की शर्त से एक बार छूट का लाभ देते हुए शत प्रतिशत प्रमोशन मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानाचार्य एसोसिएशन को यह आश्वासन दिया है। लंबित मांगों पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद प्रधानाचार्य एसोसिएशन ने आंदोलन को स्थगित कर दिया। शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों डायट, सीमेट, एससीईआरटी में शैक्षिक संवर्ग के अधिकारियों की तैनाती सहित विभिन्न 13 सूत्री मांगों को लेकर प्रधानाचार्य एसोसिएशन की ओर से 16 जून से आंदोलन का ऐलान किया गया था।
प्रधानाचार्य एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि देर शाम मुख्यमंत्री आवास पर एसोसिएशन की मुख्यमंत्री से हुई वार्ता हुई। सीएम ने प्रमोशन के लिए प्रधानाध्यापक के पद पर पांच साल की सेवा में छूट देते हुए इसे दो साल करने, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को तीन से चार साल की सेवा का विस्तार देने, प्रमोशन से छूट गए 32 प्रधानाध्यापकों को प्रमोशन देने सहित विभिन्न मांगों पर अमल का आश्वासन दिया।
सीएम से मिलने वालों में प्रांतीय महामंत्री रविंद्र प्रसाद द्विवेदी, दून के जिलाध्यक्ष राम बाबू विमल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष त्रिलोक चंद्र उपाध्याय, उपाध्यक्ष हेमवंती नौटियाल, संगठन मंत्री प्रेमलता बौड़ाई, राजीव लोचन, विमला रावत आदि शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने संगठन की अधिकतर मांगों पर अमल का आश्वासन देते हुए अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को जीजीआईसी राजपुर रोड में बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
- एसएस बिष्ट, प्रदेश अध्यक्ष, राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन