कारोबारी जयसिंह समेत परिवार के चार सदस्यों की हत्या करके हरमीत ने पिता की संपत्ति से हाथ धो लिया है।
अनीता का दूसरा बेटा होगा वारिस
अब जयसिंह की संपत्ति का वारिस उनकी दूसरी पत्नी अनीता का दूसरा बेटा पारस हो सकता है। कानूनी जानकारों का मानना है कि बेशक जयसिंह की दूसरी शादी गैर कानूनी थी लेकिन दूसरी पत्नी से पैदा हुई संतानों का पिता की संपत्ति पर हक बनता है।
आदर्श नगर निवासी विज्ञापन कारोबारी जयसिंह, उनकी पत्नी, गोद ली बेटी और नातिन की हत्या दिवाली की रात जयसिंह की दूसरी पत्नी के बेटे हरमीत सिंह ने कर दी थी।
वरिष्ठ वकील दीपेंदर सिंह का कहना है कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम-1956 के सेक्शन-25 के तहत प्रावधान है कि यदि कोई बेटा अपने पिता की हत्या कर देता है तो वह पिता की संपत्ति से कानून वंचित हो जाता है।
जाहिर है कि हरमीत को पिता की संपत्ति नहीं मिलने वाली है। वरिष्ठ वकील दीपेंदर सिंह का कहना है कि जयसिंह की संपत्ति का वारिस अब उनकी दूसरी पत्नी का दूसरा बेटा हो सकता है।
इसी तरह की बात वरिष्ठ वकील संजीव शर्मा भी कहते हैं। शर्मा का कहना है कि हिंदू मैरिज एक्ट में पहली बीवी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी करना गैरकानूनी है, लेकिन दूसरी पत्नी की संतान का पिता की संपत्ति पर हक बनता है।
दावेदारी नहीं का उल्लेख नहीं तो संपत्ति नहीं
जयसिंह के मामले में हरमीत के जेल जाने के बाद उसका छोटा भाई संपत्ति पर दावेदारी कर सकता है। यही नहीं जयसिंह के भाई का भी संपत्ति पर हक बनता है।
हालांकि, वरिष्ठ वकील सुरेंद्र सिंह पुंडीर का कहना है कि जयसिंह के दूसरी बीवी के साथ हुए समझौते में यदि दूसरे बेटे द्वारा संपत्ति में दावेदारी नहीं करने का उल्लेख होगा तो उसका संपत्ति पर अधिकार नहीं होगा।
यदि ऐसा नहीं है तो उसकी दावेदारी बनती है। पुंडीर का कहना है कि भाई-भतीजे के अलावा जयसिंह की संपत्ति पर उनके दामाद की भी दावेदारी बनती है।